रांची/चाईबासा : झारखंड पुलिस, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की लगातार कार्रवाई के बीच गुरुवार को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली। ऑपरेशन “नवजीवन” के तहत कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा (माओवादी) के 25 शीर्ष कमांडर और दस्ता सदस्यों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके अलावा गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी के दो उग्रवादियों ने भी हथियारों के साथ सरेंडर किया। कुल 27 नक्सलियों ने 17 हथियार, 31 मैगजीन, 2987 गोलियां और 8 वॉकी-टॉकी पुलिस के समक्ष जमा किए।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल की टीम से जुड़े शीर्ष कमांडर शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में 6 स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य (SZCM), 6 एरिया कमेटी सदस्य (ACM) और 13 दस्ता सदस्य शामिल हैं। जेजेएमपी की ओर से एक SZCM और एक ACM ने आत्मसमर्पण किया है।
वर्ष 2026 में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कार्रवाई
झारखंड पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 44 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस-मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सारंडा क्षेत्र में 21 नए एडवांस कैंप लोकेशन (ACL) और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित किए गए हैं।
कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहे आत्मसमर्पित उग्रवादी
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले कई नक्सली पश्चिमी सिंहभूम जिले में हुई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें जनवरी 2022 में गोइलकेरा के झीलरुवा में पूर्व विधायक गुरूचरण नायक पर हमला, जिसमें दो बॉडीगार्ड की गोली और चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, शामिल है। इस मामले में सागेन अंगारिया, रघु उर्फ गुना कायम, सुलेमान उर्फ चमरा, दर्शन उर्फ बिंज हांसदा और बिरसा कोड़ा की संलिप्तता बताई गई।
इसके अलावा अगस्त 2023 में टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका में मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद हुए थे। मार्च 2023 में मेरलगढ़ा और बालजोड़ी स्थित मैगजीन से करीब 7000 डिटोनेटर और विस्फोटक पदार्थ लूटे गए थे। जुलाई 2023 में लोवाबेड़ा में आईईडी विस्फोट में कोबरा 209 बटालियन के उप-समादेष्टा दीपक कुमार तिवारी घायल हुए थे।

राजाबासा, रेडदाह-हुसीपी, तिलाईबेड़ा, बलिबा, मरांगपोंगा, रातामाटी, दुगूनिया, पंचलता बुरू, बिंगईकीर-कुलापाबुरू, कोलबंगा और दलाईगढ़ा में हुई कई मुठभेड़ों और आईईडी विस्फोट की घटनाओं में भी आत्मसमर्पित नक्सलियों की भूमिका सामने आई है। कई घटनाओं में सुरक्षा बलों के जवान शहीद और घायल हुए थे।
इन बड़े नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सरेंडर करने वालों में करण उर्फ डांगुर तियू, गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सागेन अंगारिया उर्फ दोकोल, दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, सुलेमान हांसदा उर्फ चंबरा, बैजनाथ मुंडा, बासुमती जेराई उर्फ बासू, रघु कायम उर्फ गुणा, किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका, रामदयाल मुंडा, वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार उर्फ बारी, डांगुर बोइपाई उर्फ मुकेश, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुंडा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, बुमली तियू उर्फ दामू चरण तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया शामिल हैं।
इनमें कई नक्सलियों पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा और सागेन अंगारिया जैसे कई SZCM रैंक के नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था।
भारी मात्रा में हथियार और गोलियां बरामद
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने 1 इंसास एलएमजी, 4 इंसास रायफल, 9 एसएलआर रायफल, 1 .303 बोल्ट एक्शन रायफल और 1 कंट्रीमेड पिस्टल जमा किया। इसके साथ 27 मैगजीन और 2857 राउंड गोलियां भी पुलिस को सौंपी गईं। जेजेएमपी के उग्रवादियों ने 1 इंसास रायफल, 4 मैगजीन और 130 राउंड गोलियां जमा कीं।
जेजेएमपी के दो उग्रवादियों ने भी डाला हथियार
गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी संगठन के सचिन बैक उर्फ युजीन बैक और श्रवण गोप ने भी आत्मसमर्पण किया। सचिन बैक पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों के खिलाफ गुमला और सिमडेगा जिलों में कई मामले दर्ज हैं।
बंगाल और तेलंगाना में भी असर
झारखंड पुलिस की कार्रवाई के दबाव में पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भी माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बंगाल में समर दा उर्फ मधाई पात्रा ने सरेंडर किया, जबकि बेला सरकार उर्फ आशा दी उर्फ दीपा सरकार उर्फ संध्या विश्वास को गिरफ्तार किया गया। तेलंगाना में विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय उर्फ डोंगा उर्फ गंगाधर राव और पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता ने आत्मसमर्पण किया। झारखंड पुलिस ने शेष माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा और भय का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें तथा राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।
ताजा खबरों के लिये हमारे न्यूज चैनल और वेबसाइट पोर्टल न्यूज को लाइक और सब्सक्राइब करें – joharnewstimes.com
