पश्चिम बंगाल की पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार को दोबारा मतदान के दौरान भारी संख्या में मतदाता वोट डालने पहुंचे। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बाहुबली नेता जहांगीर खान के सुबह से नदारद रहने की चर्चा तेज हो गई। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके घर पर भी ताला लगा हुआ है, हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फलता सीट पर कुल 2 लाख 36 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए इलाके में 285 बूथ बनाए गए हैं। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या करीब 1.15 लाख बताई गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीरामपुर पश्चिम दुर्गापुर स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंचे। यही वह बूथ है जहां पिछले चुनावों में जहांगीर खान मतदान करते रहे हैं। लेकिन इस बार वह सुबह से इलाके में नजर नहीं आए।
गौरतलब है कि जहांगीर खान ने पहले चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, लेकिन मतदान से दो दिन पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद अब सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और लेफ्ट के बीच माना जा रहा है। बीजेपी ने देबांशू पंडा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सीपीएम की ओर से शंभूनाथ कुड़मी चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने अब्दुल रज्जाक को प्रत्याशी बनाया है।
मतदाताओं का कहना है कि पिछले करीब 15 वर्षों से डर और दबाव के कारण कई लोग खुलकर मतदान नहीं कर पाते थे। 29 मई को हुए पिछले मतदान के दौरान वोट नहीं डाल पाने पर कई लोगों ने विरोध भी जताया था। लेकिन इस बार सुबह से मतदान केंद्रों पर उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
बीजेपी उम्मीदवार देबांशू पंडा ने दावा किया कि पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण और उत्सव जैसा माहौल है। उन्होंने कहा कि मतदाता बिना किसी परेशानी के मतदान कर रहे हैं और बीजेपी बड़ी जीत दर्ज करेगी। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहांगीर खान को पहले ही अपनी हार का अंदाजा हो गया था।
