मुसाबनी स्थित सुरदा माइंस में ड्रिलर और टिंबरमेन की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण माइंस में ड्रिलिंग और टिंबरिंग का काम पूरी तरह ठप पड़ा रहा, जिससे तीन दिनों में करीब 2,400 टन उत्पादन प्रभावित हुआ और ठेका कंपनी को लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। मजदूर रात्रि पाली में ड्यूटी नहीं करने की मांग को लेकर आंदोलन पर अड़े हुए हैं। गतिरोध खत्म करने के लिए सुरदा स्थित प्रशासनिक भवन में एचसीएल प्रबंधन, ठेका कंपनी आरके अर्थ प्राइवेट लिमिटेड और हड़ताली मजदूर प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक मैराथन वार्ता चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी और बातचीत बेनतीजा रही।
वार्ता के दौरान ठेका कंपनी आरके अर्थ रिसोर्स प्रबंधन ने नाइट अलाउंस 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने पर सहमति जताई। वहीं हड़ताली ड्रिलरों की मुख्य मांग उन्हें पदोन्नति देकर सेमी स्कील्ड श्रेणी में शामिल करने की रही। कंपनी प्रबंधन ने इस मांग पर सीधे इंकार नहीं किया, लेकिन वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन देने पर विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि मजदूर प्रतिनिधि इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुए और हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया।
बैठक में एचसीएल की ओर से एचआर हेड कमलेश कुमार, एचआर मैनेजर अर्जुन लोहारा और सुरदा माइंस मैनेजर अमरेंद्र कुमार मौजूद रहे। वहीं ठेका कंपनी की ओर से जीएम राकेश शर्मा और साइट इंचार्ज संजय कुमार साहु शामिल हुए। मजदूरों की ओर से सोबरा हेंब्रम, लाल सबर, इंद्रजीत मार्डी, सुनील हेंब्रम, बुढान सोरेन और दसमत मुर्मू समेत अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
