रांची, झारखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 36 अधिकारियों का तबादला एवं पदस्थापन किया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत राज्य के कई जिलों के उपायुक्तों (DC) सहित विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस बड़े फेरबदल में गढ़वा, खूंटी और देवघर जिलों के उपायुक्त बदल दिए गए हैं। सरकार ने हाल ही में इन जिलों में की गई पदस्थापना के बाद एक बार फिर नई तैनाती करते हुए प्रशासनिक ढांचे को पुनर्गठित किया है। इसके अलावा कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन में बड़े बदलाव
अधिसूचना के अनुसार संयुक्त सचिव स्वास्थ्य विभाग छवि रंजन को खेल निदेशक बनाया गया है। उन्हें झारखंड खेल प्राधिकरण, रांची के कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में अभियोजन निदेशक रहे शशि प्रकाश झा को झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक (MD) अतिरिक्त प्रभार सहित नियुक्त किया गया है।
प्रतीक्षारत जीशान कमर को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक सुनील कुमार सिंह को सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
वित्त विभाग के विशेष सचिव विजय कुमार गुप्ता को हजारीबाग स्थित उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
विभिन्न विभागों में नई तैनाती
प्रतीक्षारत फैज अक अहमद मुमताज को राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। कृषि निदेशक भोर सिंह यादव को पर्यावरण विभाग में अपर सचिव के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन को झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं झारखंड राज्य खाद्य निगम के एमडी सत्येंद्र कुमार एचडी को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।
माधवी मिश्रा को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है और उन्हें झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (JSAC) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
गढ़वा के उपायुक्त अनन्य मित्तल को झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसायटी का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) बनाया गया है। साथ ही पर्यटन निदेशक जाधव विजया नारायण राव को महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है।
अन्य प्रमुख बदलाव
प्रतीक्षारत आर. रॉनिटा को जल संसाधन विभाग में अपर सचिव, जबकि नमन प्रियेश लकड़ा को पर्यटन निदेशक नियुक्त किया गया है।
अंजली यादव को झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद में परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार देने के साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज को कृषि निदेशक बनाया गया है। श्रम विभाग के अपर सचिव रोबिन टोप्पो को पशुपालन निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
खूंटी समेकित जनजातीय विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक आलोक शिकारी कच्छप को अनुसूचित जनजाति सहकारिता विकास निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। साथ ही उन्हें डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
अनिलसन लकड़ा को निबंधन महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि नीरज कुमार सिंह को उत्पाद आयुक्त बनाते हुए झारखंड राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
झारक्राफ्ट की एमडी गरिमा सिंह को मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड के CEO का अतिरिक्त प्रभार मिला है। प्रतीक्षारत चंदन कुमार को जैप-आईटी का CEO नियुक्त किया गया है।
उद्योग विभाग की प्रीति रानी को हस्तकरघा निदेशक बनाया गया है और उन्हें माटीकला बोर्ड के CEO का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रेरणा दीक्षित को ग्रामीण विकास विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है।
देवघर के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव सह झारखंड राज्य आरोग्य समिति के कार्यपालक निदेशक तथा झारखंड एड्स नियंत्रण सोसाइटी के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रतीक्षारत कुमार ताराचंद को जल संसाधन विभाग में अपर सचिव तथा कृति श्री जी को गृह विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।
जिलों के उपायुक्तों में बदलाव
इस तबादले में सबसे अहम बदलाव जिलों के उपायुक्तों को लेकर हुआ है। खूंटी के उपायुक्त सौरभ कुमार भवनिया को देवघर का नया उपायुक्त बनाया गया है, जबकि पलामू के उपायुक्त जावेद हुसैन को खूंटी का उपायुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा गोड्डा और गुमला में भी उप विकास आयुक्त स्तर पर नई तैनाती की गई है। सरकार ने यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल राज्य की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और गतिशील बनाने के उद्देश्य से किया है।
