जमशेदपुर : कोल्हान में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम के कई शहरी इलाकों में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक लोड शेडिंग की जा रही है। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मानगो, कदमा, सोनारी, जुगसलाई, परसूडीह और बागबेड़ा समेत कई इलाकों में बिना पूर्व सूचना बिजली कटने से लोगों को उमस और तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में और गंभीर स्थिति
ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट की स्थिति और अधिक गंभीर बताई जा रही है। कई गांवों में रातभर बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोग पूरी रात जागकर बिताने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं ने 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
औद्योगिक इकाइयों पर भी असर
लगातार बिजली कटौती का असर औद्योगिक क्षेत्रों पर भी दिखाई देने लगा है। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की 80 से अधिक इकाइयों सहित जमशेदपुर की कई छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां प्रभावित हुई हैं। बार-बार बिजली बाधित होने से मशीनों का संचालन प्रभावित हो रहा है और उत्पादन कार्य में रुकावट आ रही है। उद्योग संचालकों का कहना है कि नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से उत्पादन लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो रहा है। कई इकाइयों में उत्पादन लागत भी बढ़ने लगी है।
बिजली की मांग 700 मेगावाट तक पहुंची
विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कोल्हान क्षेत्र में बिजली खपत बढ़कर करीब 700 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह 500 से 600 मेगावाट के बीच रहती थी। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से फीडर, सब-स्टेशन और ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है। इसके कारण ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों की घटनाएं बढ़ रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लिखा पत्र
इधर, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य की बिगड़ती बिजली व्यवस्था, अनियमित आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या पर चिंता जताई है। उन्होंने स्थिति में सुधार के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ट्रांसफॉर्मर पर बढ़ा लोड, अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि शीघ्र मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरहरगुट्टू क्षेत्र में खराब ट्रांसफॉर्मर को चार से पांच घंटे के भीतर ठीक कर लिया गया था। इस ट्रांसफॉर्मर से 83 घर जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सामान्यतः एक ट्रांसफॉर्मर से करीब 100 घरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। जहां लोड अधिक पाया जा रहा है, वहां अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
“50 से 100 मेगावाट तक की कमी”
जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक अजीत कुमार ने कहा ,
“गर्मी में बिजली की मांग बढ़ गई है, जिसके चलते 50 से 100 मेगावाट तक बिजली की कमी पड़ रही है। पिक आवर में बिजली की मांग बढ़ने के दौरान ही संकट हो रहा है। फिर भी फीडर बदलकर बिजली कटौती कम करने की कोशिश की जा रही है।”
