कानपुर में ITBP जवानों का बड़ा प्रदर्शन: साथी की मां के इलाज मामले में न्याय की मांग को लेकर कमिश्नरेट पहुंचे हथियारबंद जवान

कानपुर में ITBP जवानों का बड़ा प्रदर्शन: साथी की मां के इलाज मामले में न्याय की मांग को लेकर कमिश्नरेट पहुंचे हथियारबंद जवान

Johar News Times
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कानपुर, उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को उस समय असामान्य स्थिति देखने को मिली जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बड़ी संख्या में जवान 15 से अधिक वाहनों और एक ट्रक के साथ पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंच गए। अचानक इतनी बड़ी संख्या में हथियारों से लैस जवानों की मौजूदगी से परिसर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण और आश्चर्यजनक माहौल में बदल गया।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला ITBP कांस्टेबल विकास सिंह की मां के इलाज से जुड़ा हुआ है। विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को सांस लेने में तकलीफ होने पर टाटमिल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनके हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां 17 मई को डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा। इस घटना के बाद जवान विकास सिंह लगातार न्याय और कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। 20 मई को वे अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें उस समय भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली।

इसी मामले को लेकर शनिवार सुबह स्थिति अचानक बदल गई, जब ITBP की 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह के समर्थन में उनके साथी जवान भारी संख्या में कमिश्नरेट कार्यालय पहुंच गए। लगभग 15 से अधिक गाड़ियों और ट्रक में सवार होकर पहुंचे करीब 100 से अधिक जवानों ने परिसर को घेर लिया। हथियारों से लैस जवानों की मौजूदगी से पुलिस कार्यालय के बाहर कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) डॉ. विपिन कुमार ताडा ने ITBP कमांडेंट गौरव प्रसाद से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली।

बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि जवान सशस्त्र होकर इस तरह कार्यालय पहुंचे। वहीं, अधिकारियों ने पीड़ित जवान की शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई का आश्वासन दिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जवाब तलब किया गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ने CMO से स्पष्ट रिपोर्ट न देने पर नाराजगी जताई और मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि मामला उच्चस्तरीय जांच समिति तक पहुंचा तो अब तक की जांच की स्थिति पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

घटना के बाद पुलिस कमिश्नरेट परिसर कुछ समय के लिए सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील जैसा नजर आया। अधिकारियों और ITBP कमांडेंट के बीच बातचीत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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