गुड़ाबांदा प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों की आर्थिक स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पिछले लगभग 10 महीनों से कमीशन भुगतान नहीं होने के कारण डीलर गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हाल ही में घाटशिला में एक पीडीएस डीलर की आत्महत्या की घटना के बाद पूरे क्षेत्र के डीलरों में आक्रोश और चिंता और अधिक बढ़ गई है।
गुड़ाबांदा प्रखंड में कुल 33 पीडीएस दुकानें हैं, जिनमें 29 दुकानें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जबकि 4 दुकानें विभिन्न कारणों से टैग पर चल रही हैं। डीलरों का कहना है कि पिछले 10 महीनों से कमीशन भुगतान बंद होने से दुकान चलाना और परिवार का भरण-पोषण करना दोनों मुश्किल हो गया है।
डीलरों के अनुसार एक पीडीएस दुकानदार को प्रति माह औसतन लगभग 11 हजार रुपये कमीशन मिलता है। इस आधार पर गुड़ाबांदा प्रखंड में हर महीने करीब 3 लाख 63 हजार रुपये का भुगतान बनता है। 10 महीने से भुगतान लंबित रहने के कारण कुल बकाया राशि लगभग 36 लाख 63 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है।
आत्महत्या की घटना के बाद बढ़ा तनाव
हाल ही में घाटशिला में आर्थिक तंगी से परेशान एक राशन डीलर द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पीडीएस डीलरों को झकझोर दिया है। गुड़ाबांदा के डीलरों का कहना है कि यदि जल्द बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कर्ज और उधारी पर चल रही दुकानें
डीलरों ने बताया कि कमीशन नहीं मिलने के बावजूद वे सरकारी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उधार और कर्ज लेकर दुकान चला रहे हैं। कई दुकानदारों के सामने अब परिवार का भरण-पोषण भी बड़ा संकट बन गया है।
डीलरों का आरोप है कि सरकार उनसे नियमित राशन वितरण तो करवा रही है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। साथ ही किसी प्रकार की अतिरिक्त सुविधा या सामाजिक सुरक्षा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
डीलरों ने सरकार और संबंधित विभाग से तत्काल बकाया कमीशन भुगतान करने की मांग की है, ताकि वे सामान्य रूप से दुकान संचालन कर सकें और बढ़ते आर्थिक दबाव से राहत पा सकें।











