बोकारो: बोकारो ट्रेजरी (कोषागार) से 4 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी के मामले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस बड़े गबन के सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी अजय नाथ झा ने स्वयं ट्रेजरी का औचक निरीक्षण किया और रिकॉर्ड्स की गहन जांच की।
बड़ा खुलासा: 8 साल से ताक पर थे नियम
निरीक्षण के दौरान जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह यह कि वर्ष 2018 से अब तक किसी भी उपायुक्त द्वारा ट्रेजरी का विधिवत निरीक्षण नहीं किया गया था। जबकि सरकारी नियमानुसार, हर छह महीने में इसका निरीक्षण अनिवार्य है। डीसी ने इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए ‘ट्रेजरी कोड’ के तहत अब हर साल अप्रैल और अक्टूबर में नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
2016 से खंगाले जा रहे हैं रिकॉर्ड, सिस्टम में सेंधमारी की आशंका
डीसी अजय नाथ झा ने बताया कि जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और अब वर्ष 2016 से लेकर अब तक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स की स्क्रूटनी की जा रही है। शुरुआती जांच में वेतन भुगतान से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। डीसी ने आशंका जताई है कि शातिर अपराधियों या कर्मचारियों ने सिस्टम के भीतर घुसकर डेटा से छेड़छाड़ की है।
फिलहाल सभी भुगतानों पर लगी रोक
मामले की तह तक जाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:
- भुगतान पर रोक: जांच पूरी होने तक ट्रेजरी से होने वाले सभी प्रकार के भुगतानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
- विशेष जांच टीम: चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
- अगली कार्रवाई: समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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