शहर के नामी बुक स्टोर अब प्रशासन के रडार पर हैं। शिक्षा के नाम पर छात्रों और अभिभावकों की आंखों में धूल झोंककर नकली NCERT पुस्तकें बेचने वाले गिरोह के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर हुई इस छापेमारी ने शहर के पुस्तक विक्रेताओं के बीच हड़कंप मचा दिया है।
इन प्रतिष्ठानों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
प्रशासनिक टीम ने शहर के तीन प्रमुख पुस्तक केंद्रों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई की जद में आए प्रतिष्ठानों में शामिल हैं:
- संगम बुक डिपो
- ज्ञान भंडार
- ज्ञान भंडार
इन तीनों ही दुकानों के संचालकों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट 1957 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
छापेमारी में खुला फर्जीवाड़े का राज
8 मई की शाम, उपायुक्त को मिली गुप्त सूचना के आधार पर प्रशासनिक अधिकारियों की एक विशेष टीम ने इन दुकानों पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि नौवीं कक्षा की एनसीईआरटी पुस्तकों में न तो आधिकारिक होलोग्राम मौजूद था और न ही पन्नों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप थी। प्रथम दृष्टया यह साफ हो गया कि ये किताबें अवैध रूप से छपवाकर असली के नाम पर बेची जा रही थीं।
दुकानदारों की दलील हुई फेल
पकड़े जाने पर दुकानदारों ने टीम को गुमराह करने की कोशिश की। उनका दावा था कि वे छात्रों से पुरानी किताबें लेकर दोबारा बेचते हैं, लेकिन तकनीकी जांच और साक्ष्यों ने उनकी पोल खोल दी। टीम ने मौके से भारी संख्या में किताबें जब्त की हैं और गवाहों के समक्ष जब्ती सूची तैयार की है।
DC की सख्त चेतावनी: अभिभावक रहें सतर्क
उपायुक्त हेमंत सती ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
प्रशासन ने जिले के अभिभावकों से अपील की है कि पुस्तकें खरीदते समय NCERT के होलोग्राम की जांच अवश्य करें और केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करें।
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