साहित्य संस्कृति संघ द्वारा आयोजित भव्य “रवीन्द्र संध्या” की शानदार सफलता के बाद, इस आयोजन को धरातल पर उतारने वाली महिला टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुसाबनी माइंस कॉलेज सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मातृ दिवस के अवसर पर संघ से जुड़ी महिलाओं को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर उनके समर्पण को नमन किया गया।
मातृ शक्ति को समर्पित रहा सम्मान समारोह
समाजसेवी अशोक अग्रवाल ने संघ की महिला सदस्यों को सम्मानित करते हुए कहा कि यह सम्मान मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस मातृ शक्ति के प्रति कृतज्ञता है जो घर के साथ-साथ समाज और संस्कृति को भी संवार रही हैं। उन्होंने कहा, “आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। रवीन्द्र संध्या के सफल और भावपूर्ण आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाएं कमान संभालती हैं, तो कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ जाती है।”
सांस्कृतिक सचिव और टीम की सराहना
समारोह में संघ की सांस्कृतिक सचिव संगीता मंडल और उनकी पूरी टीम के कुशल प्रबंधन की जमकर प्रशंसा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सुनील चंद्र और संदीप भगत ने भी महिला विंग की सक्रियता को सराहा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज की एकता का प्रतीक होते हैं और महिलाओं की भागीदारी इन आयोजनों को और अधिक जीवंत बनाती है।
सम्मान पाकर खिले चेहरे
सम्मान समारोह के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने माना कि रवीन्द्र संध्या की सफलता में महिलाओं का पर्दे के पीछे और मंच पर दिया गया योगदान अतुलनीय रहा।
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