झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार रविवार को पोटका प्रखंड के तेतला स्थित इम्पेरियल रिसोर्ट में एक महत्वपूर्ण बैठक सह कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्य रूप से आगामी जनगणना, एसआईआर प्रक्रिया और सरना धर्म कोड को लेकर कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका विधायक संजीव सरदार उपस्थित रहे।
जनगणना और एसआईआर पर विशेष फोकस
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि जनगणना और मतदाता सूची सुधार की प्रक्रिया राज्य के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिया कि:
- बूथ स्तर के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि बाहर काम करने वाले किसी भी प्रवासी मजदूर या मतदाता का नाम सूची से न हटे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना प्रपत्र भरते समय कार्यकर्ता बीएलओ के सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे ताकि कोई भी ग्रामीण सही जानकारी देने से वंचित न रहे।
‘सरना धर्म कोड’ पर आर-पार की लड़ाई
विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार और जनगणना प्रपत्र की कमियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “वर्तमान जनगणना फॉर्म में सरना धर्म कोड का न होना आदिवासियों की पहचान मिटाने की साजिश है। देश के 12 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व को बचाने के लिए सरना कोड अनिवार्य है।” उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति से मिलकर इस मांग को प्रमुखता से रखा है और झामुमो इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा।
नवनियुक्त जिला कमेटी का अभिनंदन
इस दौरान झामुमो की नवनियुक्त जिला कमेटी के पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन, सचिव रतन महतो समेत पूरी टीम का प्रखंड समिति ने अभिनंदन किया। विधायक ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन को बूथ स्तर पर इतना मजबूत बनाएं कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
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