बॉलीवुड की टैलेंटेड और ग्लैमरस एक्ट्रेस नुसरत भरूचा आज (17 मई) अपना जन्मदिन मना रही हैं। बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड या गॉडफादर के, सिर्फ अपने दम पर इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन नुसरत ने यह कर दिखाया। आज वे न सिर्फ एक सफल एक्ट्रेस हैं, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर खुद में एक बड़ा ब्रैंड बन चुकी हैं। आइए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और रिजेक्शन से सफलता तक के सफर की पूरी कहानी।
मुंबई के नामी कॉलेज से की है पढ़ाई (Educational Qualification)
17 मई 1985 को मुंबई में जन्मीं नुसरत भरूचा, तनवीर भरूचा और तसनीम भरूचा की इकलौती बेटी हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के ही ‘लीलावती बाई पोद्दार हाई स्कूल’ से हुई है। इसके बाद उन्होंने मुंबई के मशहूर ‘जय हिंद कॉलेज’ से ग्रेजुएशन पूरा किया, जहाँ से उन्होंने बीए (Bachelor of Arts) की डिग्री हासिल की।
टीवी सीरियल से की करियर की शुरुआत
बहुत कम लोग जानते हैं कि नुसरत ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बड़े पर्दे से नहीं, बल्कि छोटे पर्दे से की थी। साल 2002 में आए टीवी शो ‘किट्टी पार्टी’ से उन्होंने अपना एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद साल 2006 में उन्हें पहली हिंदी फिल्म ‘जय संतोषी मां’ मिली, जिससे उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा।
डिप्रेशन और रिजेक्शन का करना पड़ा सामना
आज भले ही नुसरत सफलता के शिखर पर हों, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें लगातार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। बिना फिल्मी बैकग्राउंड के होने के कारण कई बार असफल स्क्रीनिंग टेस्ट और नेपोटिज्म की वजह से उन्हें रोल देने से मना कर दिया गया। इस आर्थिक तंगी और लगातार मिल रहे रिजेक्शंस का उन पर इतना गहरा असर पड़ा कि वे डिप्रेशन में चली गई थीं।

इस फिल्म ने बदली किस्मत, बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल
सालों के संघर्ष के बाद नुसरत को डायरेक्टर लव रंजन की फिल्मों— ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘आकाश वाणी’ से पहचान मिली। लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2018 में आया, जब उन्होंने फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में लीड रोल निभाया।
‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में नुसरत के ग्रे-शेड किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया। सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 156.46 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया था और नुसरत को 100 करोड़ क्लब की एक्ट्रेस बना दिया।
‘प्यार का पंचनामा’ की चुलबुली लड़की से ‘जनहित में जारी’ की मजबूत आवाज तक
नुसरत भरूचा ने समय के साथ खुद को एक वर्सेटाइल एक्ट्रेस के रूप में साबित किया है। जहाँ एक तरफ उन्होंने ‘प्यार का पंचनामा’ में एक चुलबुली और नखरेबाज़ लड़की का किरदार निभाया, वहीं ‘जनहित में जारी’ और ‘छोरी’ जैसी फिल्मों में बेहद मजबूत और सामाजिक संदेश देने वाले किरदारों को बखूबी परदे पर उतारा।
