Nawazuddin Siddiqui Birthday: वॉचमैन से ‘फैजल खान’ बनने तक, बॉलीवुड के ‘गैंग्स ऑफ एक्टिंग’ के बेताज बादशाह का सफर

एक छोटे से कस्बे से निकलकर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले नवाज की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम रोमांचक नहीं है।

Johar News Times
4 Min Read

बॉलीवुड में जब भी बिना किसी गॉडफादर और बिना ‘चॉकलेट बॉय’ लुक के सिर्फ और सिर्फ टैलेंट के दम पर राज करने वाले सितारों की बात होगी, तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम सबसे ऊपर आएगा। आज (19 मई) नवाजुद्दीन अपना जन्मदिन मना रहे हैं। एक छोटे से कस्बे से निकलकर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले नवाज की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम रोमांचक नहीं है।

केमिस्ट की नौकरी और NSD का सफर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुधाना कस्बे में एक जमींदार परिवार में जन्मे नवाज आठ भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं।

  • पढ़ाई: हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया।
  • पहली नौकरी: पढ़ाई के बाद वडोदरा में बतौर केमिस्ट काम भी किया, लेकिन दिल में एक्टिंग का जुनून था।
  • थिएटर का रुख: दिल्ली आकर थिएटर की तरफ झुकाव बढ़ा और उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) में दाखिला लिया।

मुंबई में संघर्ष: ‘सरफरोश’ के मुजरिम से ‘मुन्नाभाई’ के जेबकतरे तक

साल 1999 में जब नवाज मायानगरी मुंबई पहुंचे, तो उनके हिस्से में सिर्फ लंबा संघर्ष आया। गुजारे के लिए उन्हें एक्टिंग वर्कशॉप तक लेनी पड़ी और चार लोगों के साथ एक छोटे से कमरे में रहना पड़ा। कई बार तो रूम का किराया देने के भी पैसे नहीं होते थे।

शुरुआती दौर में उन्होंने बेहद छोटे रोल किए, जिन्हें शायद कई लोग भूल भी चुके होंगे:

  1. सरफरोश (1999): आमिर खान की फिल्म में एक छोटे से अपराधी का रोल।
  2. मुन्नाभाई MBBS (2003): फिल्म की शुरुआत में जेबकतरे का किरदार।
  3. शूल और जंगल: इन फिल्मों में भी नवाज को बेहद छोटे सीन्स मिले।

“लोग कहते थे कि न तुम्हारी शक्ल-सूरत है, न हाइट है, तुम एक्टर कैसे बनोगे? लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था।”नवाजुद्दीन सिद्दीकी

2012: वो साल जिसने ‘फैजल खान’ को जन्म दिया

नवाज के करियर का सबसे सुनहरा मोड़ साल 2012 में आया। डायरेक्टर अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने हिंदी सिनेमा का इतिहास बदल दिया। इस फिल्म में नवाज द्वारा निभाया गया ‘फैजल खान’ का किरदार कल्ट बन गया। “बाप का, दादा का, भाई का… सबका बदला लेगा रे तेरा फैजल”— इस एक डायलॉग और दमदार परफॉर्मेंस ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। इसी साल आई फिल्म ‘कहानी’ ने भी उनके टैलेंट पर मुहर लगा दी।

वर्सेटेलिटी के किंग: मंटो से लेकर दशरथ मांझी तक

‘वासेपुर’ के बाद नवाज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने हर जॉनर की फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया:

  • द लंचबॉक्स & मंटो: क्रिटिक्स के पसंदीदा और संजीदा किरदार।
  • मांझी – द माउंटेन मैन: अकेले पहाड़ तोड़ने वाले दशरथ मांझी के किरदार को जीवंत किया।
  • किक & रईस: सलमान और शाहरुख जैसे बड़े सुपरस्टार्स के सामने विलेन और पुलिस अफसर बनकर स्क्रीन पर छा गए।

सम्मान और पहचान:

आज नवाजुद्दीन सिद्दीकी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक ब्रांड बन चुके हैं। उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड और फिल्मफेयर समेत कई बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है। डिजिटल न्यूज़ पोर्टल की तरफ से बॉलीवुड के इस सबसे जमीनी और कल्ट एक्टर को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं!

Share This Article