अगर आप सोचते हैं कि शराब न पीने से आपका लिवर बिल्कुल सुरक्षित है, तो आप बहुत बड़े धोखे में हैं। देश में एक ऐसी बीमारी चुपचाप पैर पसार रही है जो बिना शराब पिए भी आपके लिवर को पूरी तरह बर्बाद कर सकती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि फैटी लिवर अब एक ऐसा साइलेंट किलर बन चुका है, जो दुनिया भर के साथ-साथ भारत में भी लिवर सिरोसिस यानी लिवर डैमेज की सबसे बड़ी वजह बनता जा रहा है।मेडिकल की भाषा में इसे अब MASLD (मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीयाटोटिक लिवर डिजीज) कहा जाता है। यह बीमारी तब होती है जब आपकी खराब लाइफस्टाइल के कारण लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है।
खतरे की घंटी: भारत में क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मोटापा, डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि फैटी लिवर के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। “डायबिटीज, मोटापा और घंटों बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल के कारण फैटी लिवर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि यह बीमारी बिना किसी लक्षण के शुरू होती है और सीधे लिवर फेलियर तक पहुंच सकती है।”
शुरुआती लक्षण: जिन्हें हम और आप अक्सर कर देते हैं इग्नोर
इस बीमारी का सबसे खतरनाक पहलू यही है कि शुरुआत में मरीज को पता ही नहीं चलता कि वह बीमार है। अगर आपको अक्सर नीचे लिखी दिक्कतें होती हैं, तो इन्हें आम थकावट समझने की गलती न करें:
- लगातार कमजोरी या थकान महसूस होना
- खाना खाने के तुरंत बाद पेट में भारीपन या फूलना
- शारीरिक स्टैमिना का अचानक कम हो जाना
- वजन सामान्य होने के बावजूद पेट के आसपास चर्बी बढ़ना
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जरूरी नहीं कि सिर्फ मोटे लोग ही इसका शिकार हों। आजकल सामान्य वजन वाले लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
जब पानी सिर से ऊपर चला जाए: गंभीर लक्षण
जब यह बीमारी आखिरी स्टेज पर पहुंचती है, तब शरीर यह भयानक संकेत देता है:
- आंँखों और त्वचा में पीलिया होना।
- पेट में पानी भर जाना।
- पैरों और टखनों में लगातार सूजन रहना।
- खून की उल्टी होना या अचानक कोमा जैसी स्थिति में चले जाना।
ज्यादातर लोगों को इस बीमारी का पता तब चलता है जब वे किसी दूसरी बीमारी, जैसे कोलेस्ट्रॉल या रूटीन चेकअप के लिए ब्लड टेस्ट करवाते हैं।
विलेन कौन है? आपकी रोज की ये 5 आदतें
लिवर खराब होने के पीछे शराब नहीं, बल्कि आपकी ये आदतें जिम्मेदार हैं:
- घंटों बैठकर काम करना और कम फिजिकल एक्टिविटी।
- देर रात भारी खाना खाना।
- पैकेज्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा इस्तेमाल।
- कोल्ड ड्रिंक्स और मीठे जूस की लत।
- डाइट में ट्रांस फैट की अधिक मात्रा।
कैसे ठीक होगा आपका लिवर?
राहत की बात यह है कि लिवर एक ऐसा अंग है जो खुद को दोबारा ठीक कर सकता है। अगर शुरुआती स्टेज में इसका पता चल जाए, तो लाइफस्टाइल में इन बदलावों से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है:
इलाज का सबसे अहम हिस्सा वजन कम करना, ब्लड शुगर कंट्रोल करना और डाइट सुधारना है। ज्यादा शुगर, ट्रांस फैट और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड जैसे कि चिप्स, बर्गर, बेकरी प्रोडक्ट्स और प्रिजर्वेटिव वाले खाने से पूरी तरह दूरी बनाना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही, रोजमर्रा की जिंदगी में रेगुलर एक्सरसाइज, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और एरोबिक एक्टिविटी को शामिल करना चाहिए। रात को सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खाने की आदत डालें ताकि लिवर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
