आज 17 मई को दुनिया भर में ‘वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे’ (विश्व उच्च रक्तचाप दिवस) मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘उच्च रक्तचाप को मिलकर नियंत्रित करें’ (Controlling Hypertension Together) रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमित ब्लड प्रेशर जांचने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के प्रति जागरूक करना है।
तनाव और खराब लाइफस्टाइल के कारण आज हाई बीपी एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। डब्ल्यूएचओ (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में करीब 1.4 बिलियन (140 करोड़) लोग हाई बीपी से पीड़ित हैं, जिनमें से 44% लोगों को पता ही नहीं है कि वे इस बीमारी की चपेट में हैं। भारत में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहाँ हर साल करीब 11 लाख लोग हाई बीपी से जुड़ी बीमारियों के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।
क्यों कहा जाता है इसे ‘साइलेंट किलर’?
विशेषज्ञ हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं क्योंकि शुरुआती दौर में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। कई बार मरीजों को इस बीमारी का पता तब चलता है, जब स्थिति गंभीर हो जाती है और उन्हें हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी फेलियर जैसी जानलेवा समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
समझें ब्लड प्रेशर का पूरा गणित: कितना होना चाहिए नॉर्मल बीपी?
ब्लड प्रेशर को हमेशा दो संख्याओं में मापा जाता है- सिस्टोलिक (ऊपरी संख्या) जब दिल ब्लड पंप करता है, और डायस्टोलिक (निचली संख्या) जब दिल आराम की स्थिति में होता है।
मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार बीपी के स्तर को इस तरह समझा जा सकता है:
| बीपी का स्तर (mmHg में) | स्थिति (Status) | क्या करना चाहिए? |
| 120/80 | सामान्य (Normal) | आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, इसे बनाए रखें। |
| 130/80 से 139/89 | थोड़ा बढ़ा हुआ (Pre-Hypertension) | अलर्ट हो जाएं और तुरंत जीवनशैली में सुधार करें। |
| 140/90 या अधिक | हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) | यह खतरनाक है; डॉक्टर से सलाह लें, हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है। |
| 180/120 से अधिक | अत्यंत खतरनाक (Medical Emergency) | बिना समय गंवाए तुरंत अस्पताल जाएं। |
| 90/60 या उससे कम | लो ब्लड प्रेशर (Low BP) | कमजोरी और चक्कर आने की समस्या, डॉक्टर से संपर्क करें। |
आखिर क्यों तेजी से बढ़ रहा है हाई बीपी का ग्राफ?
1. खानपान में नमक (सोडियम) की अधिकता
फास्ट फूड और पैकेटबंद स्नैक्स पर बढ़ती निर्भरता इसका सबसे बड़ा कारण है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एक दिन में 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच) से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, लेकिन लोग इससे कहीं ज्यादा खा रहे हैं।
2. फिजिकल एक्टिविटी की कमी और तनाव
घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना और मानसिक तनाव (स्ट्रेस) हाई बीपी को न्योता दे रहे हैं। तनाव के समय शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो सीधे ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है।
3. बढ़ता वायु प्रदूषण
हालिया रिसर्च से पता चला है कि हवा में मौजूद PM2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कण हमारी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सिकोड़ देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हाई बीपी को कंट्रोल करने के 6 अचूक उपाय
यदि आप अपने दिल को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आज से ही इन आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें:
- नमक का सेवन घटाएं: भोजन में ऊपर से नमक डालना बंद करें और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
- नियमित व्यायाम: रोज कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या एक्सरसाइज जरूर करें।
- तनाव प्रबंधन (Stress Management): मेडिटेशन करें और पर्याप्त नींद लें ताकि कोर्टिसोल का स्तर नियंत्रित रहे।
- व्यसनों से दूरी: धूम्रपान (Smoking) और शराब के सेवन से पूरी तरह परहेज करें।
- नियमित जांच: घर पर बीपी मापने की मशीन रखें और समय-समय पर इसकी रीडिंग नोट करते रहें।
- डॉक्टर की सलाह: यदि बीपी बढ़ा हुआ रहता है, तो बिना लापरवाही किए डॉक्टर की बताई दवाएं समय पर लें।
