साउथ सिनेमा के ‘कंप्लीट एक्टर’ और पद्म भूषण से सम्मानित सुपरस्टार मोहनलाल आज (21 मई) अपना 66वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ भी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, जिसे लेकर फैंस के बीच भारी क्रेज है। चार दशक लंबे करियर में करीब 400 फिल्मों में काम करने वाले मोहनलाल का स्टारडम आज जिस मुकाम पर है, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ा संघर्ष किया है। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प और अनसुने किस्से।
कितने पढ़े-लिखे हैं मोहनलाल?
- स्कूली शिक्षा: उन्होंने तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट मॉडल बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की।
- ग्रेजुएशन: इसके बाद उन्होंने तिरुवनंतपुरम के ही महात्मा गांधी कॉलेज से कॉमर्स (B.Com) में ग्रेजुएशन किया।
- बचपन का शौक: बचपन से ही उन्हें एक्टिंग में गहरी दिलचस्पी थी। जब वो छठी क्लास में थे, तब उन्होंने ‘कंप्यूटर बॉय’ नाम के एक स्टेज प्ले में 90 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया था।
फिल्मों के लिए छोड़ी रेसलिंग, 25 साल अटकी रही पहली फिल्म
मोहनलाल सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल रेसलर भी रह चुके हैं। साल 1977 से 1978 के बीच वह केरल स्टेट रेसलिंग चैंपियन रहे थे। हालांकि, सिनेमा के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने कुश्ती में अपना करियर आगे नहीं बढ़ाया और महज 18 साल की उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रख दिया।
उन्होंने 1978 में अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहली फिल्म ‘थिरानोट्टम’ बनाई थी। लेकिन सेंसरशिप से जुड़ी दिक्कतों के कारण यह फिल्म लंबे समय तक अटकी रही और इसे रिलीज होने में करीब 25 साल का समय लग गया।
जब ‘लुक्स’ के कारण ऑडिशन में कर दिया गया था रिजेक्ट
मोहनलाल ने 1980 में आई रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘मंजिल विरंजा पोक्का’ से बतौर विलेन अपना ऑफिशियल डेब्यू किया और रातों-रात स्टार बन गए। लेकिन इस फिल्म के ऑडिशन का किस्सा बेहद हैरान करने वाला है:
- ऑडिशन पैनल में शामिल दो बड़े डायरेक्टर्स को मोहनलाल के लुक्स और कद-काठी पसंद नहीं आए थे और उन्होंने एक्टर को रिजेक्ट कर दिया था।
- हालांकि, फिल्म के मुख्य निर्देशक फाजिल उन्हें ही कास्ट करने पर अड़े रहे और उनका यह फैसला सही साबित हुआ। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसके बाद मोहनलाल ने शुरुआती दौर में करीब 25 फिल्मों में विलेन का रोल प्ले किया।
एक साल में 34 फिल्में और 25 हिट्स: कभी न टूटने वाला रिकॉर्ड!
साल 1986 में मोहनलाल अपने करियर के उस चरम (Peak) पर थे, जहां उनकी हर 15 दिन में एक फिल्म रिलीज होती थी।
- वर्ल्ड रिकॉर्ड: साल 1986 में एक साल के अंदर एक्टर की कुल 34 फिल्में रिलीज हुईं, जो भारतीय सिनेमा में एक अनोखा रिकॉर्ड है। आज तक कोई भी एक्टर यह रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है।
- दिलचस्प बात यह है कि इन 34 फिल्मों में से 25 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थीं। उस दौर में उनकी हर साल औसतन 20 फिल्में रिलीज हुआ करती थीं।
मोहनलाल की वो सुपरहिट फिल्में, जिनके हिंदी रीमेक से चमका बॉलीवुड
बॉलीवुड में भी मोहनलाल की फिल्मों और उनकी कहानियों का जबरदस्त दबदबा रहा है। उनकी कई मलयालम फिल्मों के हिंदी रीमेक ने बॉलीवुड को कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं:
- दृश्यम (Drishyam): मोहनलाल की इस कल्ट थ्रिलर फिल्म का हिंदी रीमेक भी इसी नाम से बना, जिसमें अजय देवगन मुख्य भूमिका में नजर आए और यह हिंदी में भी सुपरहिट रही।
- मणिचित्रथाझु (Manichitrathazhu): अक्षय कुमार और विद्या बालन की मशहूर हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूल भुलैया’ असल में मोहनलाल की इसी सुपरहिट फिल्म की रीमेक है।
- रामजी राव स्पीकिंग (Ramji Rao Speaking): बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन और कल्ट कॉमेडी फिल्मों में शुमार ‘हेरा फेरी’ मोहनलाल की इसी फिल्म की कहानी से प्रेरित होकर बनाई गई थी।
- किरीडम (Kireedam): साल 1989 की इस सुपरहिट मलयालम फिल्म का हिंदी रीमेक ‘गर्दिश’ नाम से बनाया गया था, जिसमें जैकी श्रॉफ की एक्टिंग को दर्शकों ने खूब सराहा था।
‘दृश्यम 3’ के साथ सिनेमाघरों में मची धूम
वर्क फ्रंट की बात करें तो जीतू जोसेफ के निर्देशन में बनी ‘दृश्यम 3’ आज (21 मई, 2026) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। ‘जॉर्जकुट्टी’ के सस्पेंस से भरे किरदार में मोहनलाल एक बार फिर दर्शकों को बांधने के लिए तैयार हैं। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की बंपर एडवांस बुकिंग देखी गई है और इसे फैंस की तरफ से उनके जन्मदिन का सबसे शानदार तोहफा माना जा रहा है।
