भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ साजिश का खुलासा : NIA चार्जशीट में पाकिस्तान कनेक्शन, शहरों में फैला आतंकी नेटवर्क

भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ साजिश का खुलासा : NIA चार्जशीट में पाकिस्तान कनेक्शन, शहरों में फैला आतंकी नेटवर्क

Johar News Times
4 Min Read

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इसी चार्जशीट में “गजवा-ए-हिंद” से जुड़ी साजिश और पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स की भूमिका का बड़ा खुलासा किया गया है।

‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ अब डिजिटल नेटवर्क में बदल रहा संगठन

एनआईए के अनुसार, आतंकी संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ अब जंगलों में छिपकर काम करने के बजाय तकनीक का इस्तेमाल करते हुए शहरों में रह रहे पढ़े-लिखे लोगों को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहा है। जांच में सामने आया है कि यह संगठन अब एक शहरी और डिजिटल नेटवर्क में बदल चुका है, जिसका संचालन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर हो रहा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य कश्मीर में आतंकवाद को “वैश्विक जिहाद” से जोड़ना है।

दिल्ली ब्लास्ट और 10 आरोपियों पर चार्जशीट

एनआईए ने कहा है कि दिल्ली ब्लास्ट मामले में शामिल सभी 10 आरोपी इसी संगठन से जुड़े पाए गए हैं। चार्जशीट के मुताबिक, इस नेटवर्क ने एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर भर्ती और कट्टरपंथ फैलाने की रणनीति अपनाई।

जाकिर मूसा और उमर नबी का कनेक्शन

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह विचारधारा पहले कुख्यात आतंकवादी जाकिर मूसा (जाकिर राशिद भट) से जुड़ी रही है, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काता था और कश्मीर मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिश करता था। एनआईए के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट का आरोपी उमर उन नबी भी इसी विचारधारा से प्रभावित था। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला एमबीबीएस और एमडी (मेडिसिन) डिग्रीधारी डॉक्टर था और हरियाणा के अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत था।

डिजिटल तरीके से फैलाई जा रही साजिश

चार्जशीट में कहा गया है कि यह संगठन अब पारंपरिक आतंकी ढांचे से हटकर बिना किसी स्पष्ट नेतृत्व के अलग-अलग स्थानों से काम कर रहा है। नए सदस्यों की भर्ती के लिए एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और ऑनलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका मकसद कट्टरपंथी विचारधारा रखने वाले और बड़े संगठनों से निराश लोगों को जोड़कर भारत में आतंकी नेटवर्क को फैलाना है।

AQIS से जुड़ाव का दावा

एनआईए रिपोर्ट के अनुसार, यह नेटवर्क अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से भी जुड़ा हुआ है, जिसे 2018 में भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया था।

जांच में पाकिस्तान लिंक का दावा

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि इस पूरे नेटवर्क की कमान पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के पास थी, जो भारत में गतिविधियों को डिजिटल माध्यम से नियंत्रित कर रहे थे। एनआईए की इस रिपोर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क के डिजिटल और ग्राउंड मॉड्यूल की गहराई से जांच कर रही हैं।

अबसे हर अपडेट के लिये जुड़े रहे — ताजा खबरों के लिये हमारे न्यूज चैनल और वेबसाइट को लाइक और सब्सक्राइब करें — joharnewstimes.com

Share This Article