झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रिम्स के एक एमबीबीएस छात्र ने शनिवार को हॉस्टल के अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कमरे का दरवाजा तोड़कर निकाला गया बाहर
मृतक छात्र की पहचान अक्षित कुजूर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अक्षित रिम्स के हॉस्टल नंबर-8 के एचआईजी ब्लॉक में रहता था। शनिवार को उसने अपने कमरे के अंदर फांसी लगा ली। जब आसपास के अन्य छात्रों और हॉस्टल प्रबंधन को इसकी भनक लगी, तो तुरंत सक्रियता दिखाते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अक्षित को फंदे से नीचे उतारकर बिना वक्त गंवाए रिम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
वेंटिलेटर सपोर्ट पर डॉक्टरों ने की बचाने की पूरी कोशिश
ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के मुताबिक, जब छात्र को लाया गया था तो उसकी हालत बेहद नाजुक थी। उसे तुरंत लाइफ सपोर्ट पर रखा गया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी जान बचाने में जुट गई। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद छात्र को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जांच में जुटी पुलिस, कारणों का पता नहीं
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने छात्र के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और हॉस्टल के कमरे को सील कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। छात्र ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस मृतक के दोस्तों और हॉस्टल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है, ताकि आत्महत्या की वजह साफ हो सके। छात्र के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
