गुवाहाटी : असम की राजनीति के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की प्रचंड जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। गुवाहाटी के खानापारा क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। समारोह स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
11:40 बजे होगा शपथ ग्रहण
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद दोपहर 11 बजकर 40 मिनट पर हिमंता बिस्वा सरमा और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
भाजपा इस समारोह को पूर्वोत्तर भारत में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ और लगातार बढ़ते जनाधार के प्रतीक के रूप में देख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विकास, कानून-व्यवस्था और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर जनता ने एक बार फिर एनडीए सरकार पर भरोसा जताया है।
असम की राजनीति में नया इतिहास
लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनकर हिमंता बिस्वा सरमा ने असम की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। वह राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं, जिन्होंने अपना पहला कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरा कार्यकाल शुरू किया है। पिछले कुछ वर्षों में असम की राजनीति में आए बड़े बदलाव के पीछे उनकी रणनीति और भाजपा के संगठन विस्तार को अहम माना जा रहा है।
चार वरिष्ठ नेता भी लेंगे मंत्री पद की शपथ
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है कि उनके साथ चार वरिष्ठ नेता भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग शामिल हैं। इसके अलावा वरिष्ठ विधायक रंजीत दास को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य असम को विकास और सुशासन के नए स्तर तक पहुंचाना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी सहयोगी मिलकर राज्य को और मजबूत तथा समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।
चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत
असम विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा नीत एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंता बिस्वा सरमा की लोकप्रियता, आक्रामक चुनावी रणनीति और विकास आधारित प्रचार अभियान ने भाजपा को यह बड़ी सफलता दिलाई। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल प्रभावी चुनौती देने में काफी हद तक कमजोर साबित हुए।
पूर्वोत्तर में भाजपा की मजबूत होती पकड़
असम में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी को भाजपा के लिए पूर्वोत्तर भारत में बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। पार्टी ने क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल और मजबूत संगठन के दम पर पूरे पूर्वोत्तर में अपनी स्थिति लगातार मजबूत की है।








