जेडी वेंस की ईरान को दोटूक चेतावनी, बोले- हिंसा हुई तो अमेरिका देगा करारा जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम के बावजूद तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है।

Johar News Times
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अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम के बावजूद तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि हिंसा का रास्ता अपनाया गया तो अमेरिका भी उसी भाषा में जवाब देगा। उनके बयान के बाद मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका युद्धविराम समझौते का सम्मान करता है, लेकिन यदि ईरान हिंसक गतिविधियों को अंजाम देता है या अमेरिकी हितों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को निशाना बनाया जाता है, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समझौते के क्रियान्वयन को लेकर यदि किसी प्रकार का मतभेद है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमले के जवाब में की गई। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हमलों को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने एकतरफा सैन्य कार्रवाई कर क्षेत्र में तनाव को फिर बढ़ा दिया।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, संगठन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि अमेरिका ने फिर सैन्य कार्रवाई की तो उसका जवाब पहले से अधिक सख्ती के साथ दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने इस कार्रवाई से हुए नुकसान या प्रभावित ठिकानों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।

ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी कार्रवाई को युद्धविराम की भावना के विपरीत बताया। उनका कहना है कि इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका संघर्ष विराम और बातचीत की प्रक्रिया के प्रति गंभीर नहीं है। ईरान का दावा है कि हालिया सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों को झटका लगा है और इससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

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