चक्रधरपुर SDPO डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी ने फिर पेश की इंसानियत की मिसाल, गंभीर स्थिति में गर्भवती महिला को पहुँचाया अस्पताल

पुलिस की वर्दी के पीछे धड़कने वाले एक संवेदनशील इंसान का चेहरा एक बार फिर सामने आया है।

Johar News Times
2 Min Read

पुलिस की वर्दी के पीछे धड़कने वाले एक संवेदनशील इंसान का चेहरा एक बार फिर सामने आया है। चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी ने अपनी त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता से एक बार फिर क्षेत्र के लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने बंदगांव प्रखंड के एक सुदूर गांव की रहने वाली एक गंभीर रूप से पीड़ित गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया।

जानकारी के अनुसार, बंदगांव प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र कुरजुली निवासी पालो आल्डा नामक महिला गर्भवती थीं और वे असहनीय प्रसव पीड़ा से तड़प रही थीं। भौगोलिक रूप से सुदूर इलाका होने के कारण समय पर सही चिकित्सा सुविधा मिलना एक बड़ी चुनौती थी, और महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।

जैसे ही इस गंभीर स्थिति की सूचना चक्रधरपुर एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी को मिली, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले की खुद पूरी जांच-पड़ताल की। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए तत्काल महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा रेफर करवाया और सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की।

चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला के गर्भ में जुड़वां बच्चे थे, जिनमें से दुर्भाग्यवश एक बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं, चिकित्सकों की टीम दूसरे बच्चे और महिला की जान बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

सुदूर क्षेत्र में रहने वाली एक असहाय महिला के लिए संकट की घड़ी में देवदूत बनकर सामने आए एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत करता है।

Share This Article