NDA की पहली महिला कैडेट दिव्यांशी सिंह ने रचा इतिहास: IAF में मिला कमीशन, रक्षा मंत्री ने ‘राष्ट्रपति पट्टिका’ से नवाजा

"बिहार की बेटी का आसमान पर कब्ज़ा: एनडीए की पहली महिला कैडेट दिव्यांशी ने रचा इतिहास।"

Johar News Times
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बिहार के सारण जिले की बेटी दिव्यांशी सिंह ने भारतीय सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, दिव्यांशी भारतीय वायुसेना की ग्राउंड ड्यूटी शाखा में कमीशन पाने वाली देश की पहली महिला कैडेट बन गई हैं। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता से न केवल बिहार बल्कि पूरा देश गौरवान्वित है।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से इतिहास रचने तक का सफर

बता दें कि साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं के लिए एनडीए के दरवाजे खोले गए थे। दिव्यांशी सिंह उन चुनिंदा पहली महिला कैडेट्स के बैच (2022) का हिस्सा थीं, जिन्होंने इस अकादमी में कदम रखा। तीन साल के बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांशी ने अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान ‘कैडेट क्वार्टर मास्टर सार्जेंट’ जैसी बेहद जिम्मेदारी भरी और अहम भूमिका भी निभाई।

रक्षा मंत्री के हाथों मिला वायुसेना का प्रतिष्ठित सम्मान

वायुसेना अकादमी, डुंडीगल (हैदराबाद) में आयोजित 217वें संयुक्त स्नातक परेड के दौरान दिव्यांशी की कामयाबी को एक नया मुकाम मिला। उन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, कड़े अनुशासन और बेहतरीन लीडरशिप के लिए प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स प्लाक’ से सम्मानित किया गया। यह सर्वोच्च सम्मान उन्हें मुख्य अतिथि और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों प्राप्त हुआ। ग्राउंड ड्यूटी शाखा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार वायुसेना के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है।

“दिव्यांशी की यह सफलता भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और देश के बदलते सामाजिक परिदृश्य का एक बेहद मजबूत और प्रेरणादायक प्रतीक है।”

जश्न में डूबा सारण: भाई कर रहे हैं IIT दिल्ली से पढ़ाई

दिव्यांशी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव जवईनियाँ समेत पूरे जिले में जश्न का माहौल है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। शिक्षा और राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि मानने वाले इस परिवार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है; दिव्यांशी के भाई मनोग्य सिंह वर्तमान में देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली से पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिव्यांशी ने यह साबित कर दिया है कि अगर बेटियों को मौका मिले, तो वे आसमान छू सकती हैं।

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