जमशेदपुर : टीआरएफ लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में टाटा समूह की कंपनियों के साथ बड़े कारोबारी समझौते करने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने करीब 329.61 करोड़ रुपये के प्रस्तावित लेन-देन के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इस संबंध में 12 मई को पोस्टल बैलेट नोटिस जारी किया गया है। कंपनी ने टाटा स्टील लिमिटेड और टाटा स्टील UISL के साथ होने वाले दो प्रमुख सौदों को शेयरधारकों की स्वीकृति के लिए रखा है। टीआरएफ का कहना है कि सभी लेन-देन सामान्य कारोबारी प्रक्रिया और बाजार दरों के अनुरूप किए जाएंगे।
टाटा स्टील के साथ 314 करोड़ का प्रस्तावित कारोबार
टीआरएफ के मुताबिक, टाटा स्टील के साथ कुल 314 करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रस्तावित है। इसमें 251 करोड़ रुपये के सामान और उपकरणों की बिक्री तथा 63 करोड़ रुपये की खरीद शामिल है। टीआरएफ में टाटा स्टील की 34.11 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के कारण यह लेन-देन ‘रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन’ की श्रेणी में आता है।
कंपनी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में दोनों कंपनियों के बीच 164.14 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। प्रस्तावित राशि पिछले वर्ष के टर्नओवर की तुलना में काफी अधिक है, इसलिए सेबी नियमों के तहत शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक है।
टीएसयूआईएसएल देगा विभिन्न सेवाएं
टीआरएफ ने टाटा स्टील यूआईएसएल से 15.61 करोड़ रुपये तक की सेवाएं लेने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके तहत सिविल कार्य, मशीन और भवन मरम्मत, हाउसकीपिंग, बिजली रखरखाव, वेस्ट मैनेजमेंट, बागवानी, वेलफेयर सर्विस, स्ट्रक्चरल वर्क और उपकरण किराये जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। ये सेवाएं टीआरएफ वर्क्स और टाउनशिप संचालन से जुड़ी रहेंगी।
ऑडिट कमेटी दे चुकी है मंजूरी
कंपनी की ऑडिट कमेटी ने 26 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने बताया कि एक स्वतंत्र बाहरी कंसल्टिंग एजेंसी ने भी जांच के बाद इन सौदों को बाजार दर और सामान्य कारोबारी शर्तों के अनुरूप माना है। टीआरएफ ने शेयरधारकों के लिए ऑनलाइन वोटिंग प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। ई-वोटिंग 15 मई सुबह 9 बजे से शुरू होकर 13 जून शाम 5 बजे तक चलेगी। 8 मई तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी रिकॉर्ड में दर्ज होंगे, वे इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। कंपनी ने पीके सिंह को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया है।
