कड़ियामोहनपाल में बालू उठाव का रास्ता साफ, लीज प्रक्रिया अंतिम चरण में

कड़ियामोहनपाल में बालू उठाव का रास्ता साफ, लीज प्रक्रिया अंतिम चरण में

Johar News Times
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81 हेक्टेयर क्षेत्र से बालू उठाव की तैयारी, रास्ता, स्टॉकिंग और दर निर्धारण बनी चुनौती ,

गुड़ाबांदा प्रखंड अंतर्गत कड़ियामोहनपाल मौजा स्थित दो बालू घाटों से करीब 81 हेक्टेयर नदी क्षेत्र में बालू उठाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद उपायुक्त जमशेदपुर ने घाटशिला एलआरडीसी को लीज डीड की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। लीज प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद चालान निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासनिक स्तर पर काम तेज हो गया है, लेकिन बालू उठाव शुरू होने से पहले कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं।

स्टॉकिंग और रास्ते की सबसे बड़ी समस्या

बालू स्टॉकिंग को लेकर सबसे बड़ी चुनौती सामने है। यदि नदी किनारे बालू का भंडारण किया जाता है तो वहां से हाईवा वाहनों को मुख्य सड़क तक ले जाने के लिए समुचित रास्ता उपलब्ध नहीं है। जिन संभावित रास्तों का उपयोग किया जाना है, उनमें रैयती जमीन भी शामिल है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर 21 मार्च से विरोध जारी है।

दर तय नहीं होने से असमंजस

अब तक ट्रैक्टर मालिकों के साथ किसी प्रकार की दर तय नहीं हो सकी है। वहीं सरकार की ओर से भी 100 सीएफटी बालू की कीमत निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे में स्थिति असमंजसपूर्ण बनी हुई है। माना जा रहा है कि गोदावरी कॉमोडिटीज लिमिटेड को बालू उठाव शुरू करने से पहले इन सभी बाधाओं का समाधान करना होगा।

वैध प्रक्रिया तेज, दूसरी ओर अवैध बालू ढुलाई जारी

एक ओर जहां कड़ियामोहनपाल मौजा स्थित बालू घाटों से वैध रूप से बालू उठाव के लिए लीज डीड, सीटीओ और चालान निर्गत करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई भी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्तमान में भी गुड़ाबांदा से डुमरिया की ओर प्रतिदिन 30 से अधिक ट्रैक्टर देर शाम और रात के समय बालू लेकर गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वैध प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इस बीच अवैध कारोबारी लगातार सक्रिय हैं।

प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल

अवैध ढुलाई को लेकर प्रशासनिक निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब वैध ढुलाई की प्रक्रिया अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है, तब भी अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन वैध प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के साथ-साथ अवैध बालू ढुलाई पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि नियमों के अनुरूप ही बालू उठाव का कार्य शुरू हो सके।

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