जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत भैयाडीह गांव में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया, जब तेलंगाना में मजदूरी करने गए रामदुलाल पंडित का शव गुरुवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। 15 मई 2026 को तेलंगाना में काम के दौरान गिरने से रामदुलाल को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस संकट की घड़ी में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और उनकी टीम ने देवदूत बनकर पीड़ित परिवार की मदद की।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने अपने प्रतिनिधि अजहरुद्दीन को तत्काल हर संभव कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री के निर्देश पर अजहरुद्दीन ने तेलंगाना के विकाराबाद स्थित कारणकोट थाना प्रभारी से संपर्क कर घटना की पूरी जानकारी ली। इसके बाद मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तेलंगाना के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी से सीधे बातचीत की गई, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर शव को सुरक्षित गांव भेजा जा सके।
मृतक रामदुलाल पंडित का परिवार बेहद गरीब है। उनके पीछे पत्नी और एक छोटा बच्चा है। आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय थी कि परिजनों के पास तेलंगाना जाने तक के पैसे नहीं थे। इस विपदा की जानकारी मिलते ही पूर्व सांसद फुर्कान अंसारी तत्काल भैयाडीह गांव पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर परिजनों को तेलंगाना के लिए रवाना किया।
पूरे घटनाक्रम के दौरान मंत्री प्रतिनिधि अजहरुद्दीन लगातार तेलंगाना पुलिस प्रशासन और पीड़ित परिवार के संपर्क में बने रहे। मंत्री के प्रयासों के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया तेजी से पूरी हुई और शव ससम्मान परिजनों को सौंप दिया गया। गुरुवार को जैसे ही एंबुलेंस शव लेकर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
भावुक परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि अगर मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और उनकी टीम समय पर सक्रिय नहीं होती, तो इतनी दूर से शव को गांव लाना उनके लिए नामुमकिन था। इस पर मंत्री प्रतिनिधि अजहरुद्दीन ने कहा कि जमीन पर काम करने वाले नेता की पहचान संकट के समय ही होती है। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी हमेशा हर गरीब, शोषित और जरूरतमंद परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और आगे भी रहेंगे ।
