Ranchi News: दो दिन पहले सीएम हेमन्त सोरेन ने जिस ‘पलाश’ आम अभियान की सराहना की थी, अब उसके नतीजे दिखने लगे हैं

Ranchi News: दो दिन पहले सीएम हेमन्त सोरेन ने जिस ‘पलाश’ आम अभियान की सराहना की थी, अब उसके नतीजे दिखने लगे हैं

Johar News Times
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मुख्यमंत्री के सहयोग और निगरानी में झारखंड का आम लंदन और दुबई तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं और किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है।

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने हाल ही में ‘पलाश’ ब्रांड के तहत चल रहे झारखंड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव की टीम से मुलाकात कर उनके प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं, सखी मंडलों और किसानों द्वारा किए जा रहे कार्यों को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला मॉडल बताया था। अब इस पहल के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

सीएम के विज़न को मिल रही सफलता

मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू हुई बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागानों ने हजारों ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आय का नया स्रोत दिया है। राज्य में करीब 1.86 लाख एकड़ में आम के बगीचे तैयार हुए हैं, जिससे 2.15 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इस सीजन में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान है।

सखी मंडल की महिलाओं ने संभाली जिम्मेदारी

ग्रामीण महिलाएं आम के संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और बिक्री का काम संभाल रही हैं। मुख्यमंत्री की ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की सोच के तहत किसानों को एफपीओ से जोड़कर बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है।

लंदन और दुबई तक पहुंचा झारखंड का आम

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में झारखंड के कृषि उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पहचान बना रहे हैं। सिमडेगा से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम लंदन भेजे गए हैं, जबकि रामगढ़ से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई निर्यात किए गए हैं। इस उपलब्धि ने झारखंड के किसानों और ग्रामीण महिलाओं का उत्साह बढ़ाया है।

करोड़ों के कारोबार की ओर बढ़ता ‘पलाश’

राज्य के 115 एफपीओ इस अभियान से जुड़े हैं। अब तक 2.24 लाख किलोग्राम से अधिक आम की बिक्री हो चुकी है और 60.51 लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार दर्ज किया गया है। बाजार विस्तार के लिए ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और अन्य बड़े रिटेल नेटवर्क से भी संपर्क किया जा रहा है।

दो दिन पहले मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जिस पहल को ग्रामीण समृद्धि का उदाहरण बताया था, वह अब जमीन पर सफल होती दिख रही है। ‘पलाश’ ब्रांड के जरिए झारखंड का आम न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।

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