स्टील सिटी जमशेदपुर में निजी स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर की जा रही कथित अवैध उगाही के खिलाफ अभिभावकों और सामाजिक संगठनों का सब्र अब टूट चुका है। ‘झारखंड शिक्षा उत्थान समिति’ ने इस शोषण के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान करते हुए अपने आंदोलन को बेहद तेज कर दिया है। समिति ने इस मुद्दे को अब एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप देना शुरू कर दिया है, जिससे निजी स्कूल प्रबंधनों और प्रशासन में खलबली मच गई है।
भिक्षाटन कर जताया विरोध, आजसू नेता ने किया अभियान का शिलान्यास
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आज से सड़क पर उतरकर अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया। आंदोलन के तहत ‘पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान’ और ‘भिक्षाटन कार्यक्रम’ की शुरुआत की गई।
इस अभियान का विधिवत शुभारंभ आजसू नेता चंद्रगुप्ता सिंह ने किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने साफ कहा कि सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर निजी स्कूलों की फीस संरचना पर नियंत्रण लगाना चाहिए ताकि मध्यमवर्गीय और गरीब अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सके।
2 लाख पोस्टकार्ड से गूंजेगी सरकार, रांची तक निकलेगी पैदल यात्रा
आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए समिति के वरिष्ठ सदस्य क्रांति सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा हर साल लगातार बढ़ाई जा रही फीस से अभिभावकों की कमर टूट चुकी है। सरकार को जगाने के लिए समिति ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है:
- राज्य भर के पीड़ित अभिभावकों से हस्ताक्षर कराकर करीब 2 लाख पोस्टकार्ड सीधे सरकार तक भेजे जाएंगे।
- इन हस्ताक्षरित पोस्टकार्डों को लेकर जमशेदपुर से रांची तक एक विशाल पैदल यात्रा निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से यह सारे पोस्टकार्ड सीधे मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे।
- भिक्षाटन के जरिए सरकार को यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चों की महंगी फीस भरने के बाद अभिभावकों की आर्थिक स्थिति भीख मांगने जैसी हो गई है।
समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह लड़ाई सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगी। निजी स्कूलों की इस कथित ‘लूट’ के खिलाफ पूरे झारखंड में एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, जब तक कि सरकार फीस नियंत्रण अध्यादेश को पूरी तरह से लागू नहीं कर देती।
