झारखंड में चर्चित शराब घोटाला मामले की जांच एक साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 20 मई 2025 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है। इसका फायदा उठाते हुए निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे समेत सभी आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
एसीबी ने इस मामले में कुल 17 अधिकारियों और शराब कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि गिरफ्तारी के दौरान एजेंसी ने भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत होने का दावा किया था, लेकिन समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने से आरोपी एक-एक कर जमानत पर बाहर आते गए। फिलहाल विनय कुमार चौबे दूसरे मामले में जेल में बंद हैं, जबकि बाकी सभी आरोपी रिहा हो चुके हैं।
मामले में आरोप है कि वर्ष 2022 की उत्पाद नीति के तहत फर्जी बैंक गारंटी देने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों को सरकारी शराब दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका दिया गया था। एसीबी का दावा था कि नई उत्पाद नीति छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर तैयार की गई, जिससे राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ और निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में घोटाले की राशि 38 करोड़ रुपये बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर करीब 750 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया।
20 मई 2025 को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसीबी ने सबसे पहले निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह और मेसर्स मार्शन प्लेसमेंट एजेंसी के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पूर्व आयुक्त उत्पाद अमित प्रकाश, जेएसबीसीएल के अधिकारी, प्लेसमेंट एजेंसियों के निदेशक, शराब कारोबारी और सप्लाई से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जेल भेजे गए आरोपियों में विनय कुमार चौबे, गजेंद्र सिंह, सुधीर कुमार दास, सुधीर कुमार, नीरज कुमार सिंह, अमित प्रकाश, अमित प्रभाकर सलौंकी, अतुल कुमार सिंह, मुकेश मनचंदा, सिद्धार्थ सिंघानिया, विधु गुप्ता, परेश अभेसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह ठाकोर, राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल, जगन तुकाराम देसाई और नवीन केडिया शामिल थे।
अब सवाल उठ रहे हैं कि गिरफ्तारी में तेजी दिखाने वाली एसीबी चार्जशीट दाखिल करने में इतनी सुस्त क्यों रही। एजेंसी की ओर से तैयारी अधूरी होने की बात कही जाती रही, लेकिन एक साल बाद भी जांच किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है।










