मछली खाने के शौकीन सावधान! हर मछली सेहत नहीं बनाती, कुछ पहुंचा सकती हैं गंभीर नुकसान; जानें क्या खाएं और क्या नहीं

जिम जाने वाले युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, डॉक्टर अक्सर ओमेगा-3 फैटी एसिड और हाई प्रोटीन के लिए मछली खाने की सलाह देते हैं

Johar News Times
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नॉनवेज डाइट में मछली को पोषक तत्वों का ‘पावरहाउस’ माना जाता है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, डॉक्टर अक्सर ओमेगा-3 फैटी एसिड और हाई प्रोटीन के लिए मछली खाने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंदीदा मछली आपके शरीर के लिए ‘अमृत’ है या ‘धीमा जहर’? विज्ञान कहता है कि पानी में बढ़ते प्रदूषण के कारण कई मछलियों में पारा (Mercury) की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे उन 8 मछलियों के बारे में जो आपकी सेहत बना देंगी और उन 6 के बारे में जिनसे आपको दूरी बना लेनी चाहिए।

मछली का सेवन शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें विटामिन डी, बी12, आयोडीन, सेलेनियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे तत्व होते हैं जो दिल, दिमाग, आंखों और स्किन को लाभ पहुंचाते हैं। वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, सभी मछलियां एक जैसी नहीं होतीं, इसलिए सही चुनाव जरूरी है।

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ओमेगा-3 और लो-फैट वाली 8 सबसे सुरक्षित मछलियां

यदि आप सप्ताह में दो बार इन मछलियों का सेवन करते हैं, तो हार्ट डिजीज का खतरा 36% तक कम हो सकता है:

  1. सैमन (Salmon): ओमेगा-3 का सबसे बेहतरीन स्रोत।
  2. हिलसा (Hilsa): भारतीय घरों की पसंदीदा और सेहतमंद।
  3. एंकोवीज़ (Anchovies): दिमाग की नसों के लिए फायदेमंद।
  4. सार्डिन (Sardines): हड्डियों को मजबूती देती है।
  5. ट्राउट (Trout): कम कैलोरी और अधिक प्रोटीन।
  6. तिलापिया (Tilapia): वजन कंट्रोल करने वालों के लिए बेस्ट।
  7. कॉड (Cod): लो-फैट डाइट के लिए सबसे अच्छी।
  8. झींगा (Shrimp): मर्करी में कम, लेकिन प्रोटीन में बहुत हाई।

इन 6 मछलियों से बना लें दूरी, शरीर में भर सकती हैं पारा

जिन मछलियों में पारे का लेवल हाई होता है, वे नर्वस सिस्टम को डैमेज कर सकती हैं:

  • स्वोर्डफ़िश और शार्क: इनमें मर्करी की मात्रा सबसे ज्यादा पाई जाती है।
  • किंग मैकेरल: आम मैकेरल ठीक है, लेकिन ‘किंग’ प्रजाति से बचना चाहिए।
  • मार्लिन और ऑरेंज रफि: ये मछलियां काफी सालों तक जीवित रहती हैं, जिससे इनके शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं।
  • बिगआई टूना: टूना की यह किस्म बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है।

कुल मिलाकर, मछली का सेवन स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हो सकता है, बशर्ते आप सही किस्म का चुनाव करें। सैमन, हिलसा और झींगा जैसी मछलियां जहाँ प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन बैलेंस देती हैं, वहीं किंग मैकेरल और शार्क जैसी मछलियां मर्करी पॉइजनिंग का खतरा पैदा करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगली बार जब आप फिश मार्केट जाएं, तो केवल स्वाद नहीं बल्कि मछली की प्रजाति और उसके गुणों की जांच जरूर करें। स्वस्थ खाएं, सुरक्षित रहें।

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