नारायण मुंडा के कर्ण भेदन संस्कार में शामिल होने उलिहातु पहुंचे अर्जुन मुंडा
खूंटी जिले के उलिहातु स्थित भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेताणअर्जुन मुंडा पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों और आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और आदिवासी समाज की संस्कृति, संघर्ष और विरासत को देश की वास्तविक शक्ति बताया।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि उलिहातु की पावन धरती आज भी स्वाभिमान, सम्मान, संघर्ष और प्रकृति से जुड़े जीवन मूल्यों का संदेश पूरे देश को दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा किया गया पारंपरिक सम्मान केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की महान संस्कृति, विनम्रता और ‘अतिथि देवो भवः’ की जीवंत मिसाल है।
अपने दौरे के दौरान अर्जुन मुंडा ने भगवान बिरसा मुंडा के परपौत्र सुखराम मुंडा से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने इसे केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि आदिवासी इतिहास, संस्कृति और संघर्ष की गौरवशाली विरासत से जुड़ने का अविस्मरणीय क्षण बताया।
इसके साथ ही वे सुखराम मुंडा के पोते नारायण मुंडा के कर्ण भेदन संस्कार कार्यक्रम में भी शामिल हुए। अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह परंपरा मुंडा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय परंपराओं के अनुरूप मिला आत्मीय स्वागत और स्नेह उनके मन को गहराई से स्पर्श कर गया। पारंपरिक आदिवासी भोजन और स्थानीय संस्कृति का अनुभव उनके लिए बेहद यादगार रहा। अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत की वास्तविक सांस्कृतिक शक्ति उसकी जनजातीय परंपराओं और संस्कारों में बसती है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि धरती आबा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ आदिवासी समाज के स्वाभिमान, अधिकार और संस्कृति की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
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