पटमदा में नियमों को रौंद रहा खनन सिंडिकेट, पहाड़ों की बेतरतीब कटाई से बढ़ा संकट

पटमदा में नियमों को रौंद रहा खनन सिंडिकेट, पहाड़ों की बेतरतीब कटाई से बढ़ा संकट

Johar News Times
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पश्चिम बंगाल सीमा से सटा पटमदा क्षेत्र इन दिनों पत्थर खनन के कारण गंभीर पर्यावरणीय संकट से जूझ रहा है। गेरूवाला, हुडुंगबिल, ओड़िया और समरजोबड़ा गांवों में खनन सिंडिकेट के प्रभाव के चलते नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर पहाड़ों की कटाई की जा रही है। कई स्थानों पर विशाल गड्ढे, ड्रिलिंग और उड़ती धूल आम दृश्य बन चुके हैं।

बिना लीज के चल रहे बड़े क्रशर

गेरूवाला में आजसू के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो का बड़ा ऑटोमैटिक क्रशर संचालित है, जबकि उनके नाम पर कोई खनन लीज नहीं है। उनका कहना है कि प्लांट में इस्तेमाल होने वाला पत्थर पूरी तरह वैध है और श्रीकांत मेहता व सोनू सिंह की खदानों से दस्तावेजों के साथ खरीदा जाता है। इसी तरह अशोक सिंह भी बिना स्वयं की लीज के बड़ा क्रशर संचालित कर रहे हैं।

निर्धारित सीमा से अधिक खनन का आरोप

हुडुंगबिल में मिथलेश मेहता उर्फ श्रीकांत मेहता के नाम पांच एकड़ भूमि की खनन लीज है। ग्रामीणों का आरोप है कि सात एकड़ से अधिक क्षेत्र में गहराई तक खुदाई कर दी गई है, जिससे पूरा इलाका गहरे कुएं जैसा बन गया है। वहीं मेहता ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि खनन निर्धारित सीमा के भीतर ही हो रहा है और वेस्ट मटेरियल से किसी कृत्रिम पहाड़ का निर्माण नहीं हुआ है।

ओवरलोड वाहनों से सड़कें जर्जर

क्षेत्र की खदानों से जमशेदपुर तक पत्थर और गिट्टी ढोने वाले ओवरलोड हाइवा वाहनों के कारण गेरूवाला की नई पीसीसी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सड़क मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों ने वाहनों का परिचालन भी रोक दिया था।

ओड़िया गांव में लीज और संचालन पर सवाल

ओड़िया गांव में नवीन सिंह उर्फ सोनू के नाम पर खदान और क्रशर लाइसेंस है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार उनका क्रशर अधिकांश समय बंद रहता है। वहीं सुमित कुमार और उनके पिता पवन राय के नाम पर भी खनन लीज है। ग्रामीणों ने पवन राय पर लीज सीमा से बाहर खनन का आरोप लगाया है। पवन राय ने कहा कि अतिरिक्त एक एकड़ रैयती भूमि पर खनन की योजना थी, लेकिन संबंधित रैयतदार की अनुमति नहीं मिली।

जांच और कार्रवाई का आश्वासन

अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल स्तरीय खनन टास्क फोर्स के अध्यक्ष अर्णव मिश्रा ने कहा कि अवैध खनन, तय सीमा से अधिक खुदाई और क्रशर संचालन से जुड़ी शिकायतें उनके संज्ञान में हैं। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स जल्द प्रभावित क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करेगी। नियम उल्लंघन, अवैध खनन या भारी विस्फोटों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टूटी सड़कों और ग्रामीणों पर धारा 107 के कथित दुरुपयोग के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी।

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