झारखंड के शहरों में बदल जाएगी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सूरत: रांची मेट्रो और 4 शहरों में 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन को केंद्र की मंजूरी का इंतजार

"मेट्रो की रफ्तार और इलेक्ट्रिक बसों का सफर: झारखंड के चार बड़े शहरों में शुरू होने जा रही है ग्रीन ट्रांसपोर्ट क्रांति।"

Johar News Times
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रांची: झारखंड के प्रमुख शहरों में शहरी परिवहन को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। रांची में मेट्रो रेल परियोजना और राज्य के चार बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू करने का अंतिम और संशोधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। नगर विकास विभाग को अब दोनों बड़ी योजनाओं पर केंद्र से अंतिम मुहर लगने का इंतजार है।

तकनीकी खामियां दूर, केंद्र को भेजा गया संशोधित मेट्रो प्रस्ताव

नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा रांची मेट्रो को लेकर जो भी तकनीकी और वित्तीय आपत्तियां उठाई गई थीं, उन सभी का समाधान कर लिया गया है। संशोधित प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय शहरी विकास एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल को भी इस परियोजना की प्रगति और संशोधनों से अवगत करा दिया गया है। आपको बता दें कि तकनीकी कारणों से यह परियोजना पहले दो बार अटक चुकी है, लेकिन इस बार मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।

पहले चरण में 16 किलोमीटर का होगा मेट्रो कॉरिडोर

प्रस्तावित रांची मेट्रो का पहला चरण करीब 16 किलोमीटर लंबा होगा। यह कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त रूटों को कवर करेगा:

  • कांके से शुरू होकर कांके रोड, कचहरी रोड, फिरायालाल चौक , मेन रोड, डोरंडा होते हुए हिनू तक जाएगा।
  • इस कॉरिडोर के चालू होने से राजधानी की लाइफलाइन माने जाने वाले इन इलाकों में जाम की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
  • राज्य सरकार वर्ष 2033 तक के संभावित ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखकर दूसरे चरण के विस्तार की रूपरेखा भी अभी से तैयार कर रही है।

4 शहरों में दौड़ेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें

मेट्रो के साथ-साथ राज्य सरकार झारखंड के चार प्रमुख औद्योगिक और आवासीय नगरों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने जा रही है। इसके तहत रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी।

योजना के मुताबिक, प्रत्येक शहर को 100-100 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। यानी पहले चरण में कुल 400 पर्यावरण अनुकूल बसें सड़कों पर उतरेंगी।

प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति, सफर होगा सस्ता

नगर विकास विभाग के अनुसार, इन इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन से शहरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण में भारी कमी आएगी। साथ ही, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी, जिससे आम जनता को बेहद कम खर्च में सुरक्षित, आधुनिक और आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।

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