खान सर के कोचिंग संस्थान में हुए विवाद और मारपीट के मामले में बेउर जेल में बंद ‘ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी’ के निदेशक रौशन आनंद को कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया है। लेकिन जेल की चहारदीवारी से बाहर आते ही रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर एक ऐसा गंभीर आरोप लगाया है, जिससे बिहार के कोचिंग जगत और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। रौशन आनंद का दावा है कि उनके भाई की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या करवाई गई है।
जेल जाने के बाद भाई को बनाया गया निशाना
जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रौशन आनंद काफी भावुक नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने मिलकर उनके भाई को निशाना बनाया है। रौशन आनंद ने कहा:
“जब तक मैं बाहर था, तब तक मेरे भाई के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। लेकिन जैसे ही मुझे एक सोची-समझी साजिश के तहत गलत तरीके से फंसाकर जेल भेजा गया, पीछे से मेरे भाई को रास्ते से हटा दिया गया। अब मेरे पूरे परिवार को टारगेट किया जा रहा है।”
नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
गौरतलब है कि रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की रविवार को नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जानकारी और चर्चाओं में मौत का कारण अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना बताया गया था। लेकिन रौशन आनंद के इस नए और सीधे आरोप ने मामले को पूरी तरह से पलट दिया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस और किसी भी जांच एजेंसी की ओर से रौशन आनंद के इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कानूनी और चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि आधिकारिक जांच और नेपाल पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। रौशन आनंद ने कहा कि भाई के इस तरह अचानक चले जाने से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है और अब वे न्याय के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
