झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बार गुरुजी की खाली हुई सीट पर सोरेन परिवार की किसी महिला सदस्य को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन अंदरखाने परिवार को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा तेज है।
संभावित दावेदारों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजलि सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और बसंत सोरेन की पहली पत्नी हेमलता सोरेन के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। इन तीनों में से कोई भी अब तक राज्यसभा नहीं पहुंची हैं, इसलिए पार्टी नए चेहरे को मौका देने पर विचार कर रही है।
गुरुजी की पत्नी रूपी सोरेन का नाम भी चर्चा में था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें फिलहाल दौड़ से बाहर माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस बार परिवार की महिला सदस्य को प्राथमिकता मिल सकती है।
अंजलि सोरेन लंबे समय से ओडिशा में सक्रिय राजनीति से जुड़ी हैं और मयूरभंज जिले के रायरंगपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुकी हैं। वे आदिवासी समुदायों के बीच काम करने और स्थानीय मुद्दों को उठाने के लिए जानी जाती हैं।
राज्यसभा और झामुमो का पुराना संबंध भी रहा है। शिबू सोरेन तीन अलग-अलग कार्यकाल में राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। वहीं हेमंत सोरेन ने भी वर्ष 2009 में राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया था। बसंत सोरेन ने 2016 में राज्यसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सके थे। वर्तमान में झामुमो से महुआ माजी और सरफराज अहमद राज्यसभा सदस्य हैं। इधर कांग्रेस नेता धीरज साहू ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राज्यसभा की दूसरी सीट कांग्रेस को देने का आग्रह किया है। वहीं उद्योगपति परिमल नाथवाणी भी झामुमो के संपर्क में बताए जा रहे हैं। नाथवाणी ने इच्छा जताई है कि पार्टी का समर्थन मिलने पर वे एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।
