सी जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य के 9वें मुख्यमंत्री बन गए। उन्हें विश्वनाथ अर्लेकर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी भी मौजूद रहे।
शपथ लेते समय सी जोसेफ विजय निर्धारित शपथ से आगे अतिरिक्त बातें बोलने लगे, जिस पर राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें रोकते हुए कहा कि केवल लिखित शपथ ही पढ़ें। विजय ने तमिल भाषा में शपथ ग्रहण किया।
शपथ के बाद उनके साथ 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. के जी अरुणराज, के ए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टी के प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं। ये सभी उनकी पार्टी टीवीके के विधायक हैं। अभी किसी भी सहयोगी दल को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है।
तमिलगा वेत्री कड़गम प्रमुख सी जोसेफ विजय को सरकार गठन से पहले शनिवार को राज्यपाल से चौथी बार मुलाकात करनी पड़ी थी। इस दौरान उन्होंने टीवीके, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के कुल 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे थे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। पार्टी ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीती थीं और बाद में समर्थन के आधार पर 121 विधायकों का आंकड़ा हासिल किया, जबकि बहुमत 118 का था।

सीएम बनते ही विजय ने कई अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का आदेश, महिला सुरक्षा के लिए विशेष बल गठन और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।
अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि वे किसी राजघराने से नहीं आते, जनता ने उन्हें चुना है और वे झूठे वादों से लोगों को धोखा नहीं देंगे। उन्होंने पिछली डीएमके सरकार पर राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ने का आरोप लगाया।
उन्होंने आगे कहा कि—
- राज्य की वित्तीय स्थिति पर “श्वेत पत्र” जारी किया जाएगा
- ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
- जनता का एक भी पैसा गलत तरीके से खर्च नहीं होगा
- सत्ता का कोई दूसरा केंद्र नहीं होगा, केवल मुख्यमंत्री कार्यालय ही निर्णय केंद्र रहेगा
- पारदर्शी और सामाजिक न्याय आधारित नई शासन व्यवस्था शुरू की जाएगी
शपथ से पहले सी जोसेफ विजय ने यह भी कहा कि वे भारत के संविधान के प्रति निष्ठा रखेंगे, तमिलनाडु की एकता और अखंडता बनाए रखेंगे, अपने विवेक से कार्य करेंगे और किसी से नहीं डरेंगे तथा सभी के साथ न्याय करेंगे।

तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनी है। इससे पहले 1963–1967 तक कांग्रेस सरकार में एम भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे थे।











