प्राक्कलन समिति ने गुतु गलांग ट्रस्ट का किया निरीक्षण, महिला समूहों के कार्यों की सराहनामिलेट्स उत्पादन, महिला सशक्तिकरण एवं किसानों की आय बढ़ाने पर दिया गया जोर

Johar News Times
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लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)।
झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति की स्थल अध्ययन यात्रा के तहत शनिवार को लिट्टीपाड़ा स्थित गुतु गलांग कल्याण ट्रस्ट का निरीक्षण किया गया। समिति के सदस्यों ने महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका एवं उत्पादन इकाइयों का अवलोकन कर उनके कार्यों की सराहना की तथा संस्था को और अधिक विकसित एवं समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राक्कलन समिति के सभापति सह लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने की। इस अवसर पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो तथा घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों का पारंपरिक आदिवासी नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भव्य स्वागत किया गया।

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निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने जेएसएलपीएस की दीदियों द्वारा संचालित बोरा निर्माण, बोरा सिलाई एवं लिखाई कार्य का अवलोकन किया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा कुर्थी, बरबट्टी, अरहर दाल, मूंग दाल, बाजरा एवं मकई का आटा, सरसों तेल तथा देसी घी उत्पादन एवं पैकेजिंग संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। समिति के सदस्यों ने उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं महिलाओं की मेहनत की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

इस अवसर पर विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि गुतु गलांग ट्रस्ट ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस विषय को विधानसभा पटल पर उठाया गया था, जिसके बाद सरकार द्वारा प्राक्कलन समिति का गठन कर स्थल निरीक्षण कराया गया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों को ट्रस्ट से जोड़कर कुर्थी, स्ट्रॉबेरी, मशरूम एवं अन्य लाभकारी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण किसानों की आय में वृद्धि हो सके। साथ ही किसानों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार आवश्यक पहल करेगी।

टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि ट्रस्ट महिलाओं को जागरूक एवं सशक्त बनाने का प्रेरणादायी कार्य कर रहा है। यहां तैयार उत्पाद शुद्ध एवं किफायती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उन्हें उचित बाजार नहीं मिल पाता। सरकार इनके लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करेगी। उन्होंने मडुवा जैसे पौष्टिक मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

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वहीं बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि पहले लोग मडुवा, बाजरा एवं मकई जैसे मोटे अनाज का नियमित सेवन करते थे, जिससे लोग स्वस्थ रहते थे। आधुनिक जीवनशैली के कारण इन पारंपरिक अनाजों का उपयोग कम हो गया है, जिससे विभिन्न बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने समाज को स्वस्थ रखने के लिए मिलेट्स एवं मोटे अनाजों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने भी मिलेट्स उत्पादन एवं विपणन पर जोर देते हुए कहा कि बाजार से धीरे-धीरे मोटे अनाज गायब होते जा रहे हैं, जबकि इनकी पोषण क्षमता एवं मांग दोनों काफी अधिक हैं। ऐसे में गुतु गलांग ट्रस्ट को मिलेट्स आधारित उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रवीण मिश्रा ने किया। उन्होंने महिला समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की विस्तृत जानकारी अतिथियों को दी।

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इस दौरान आशा देवी, पलीना हेंब्रम, शीला किस्कू, डोली देवी एवं प्रतिमा देवी सहित बड़ी संख्या में महिला समूहों की सदस्य उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रसाद हांसदा, प्रखंड उपाध्यक्ष रंजन शाह, जेएसएलपीएस लिट्टीपाड़ा के बीपीएम जन्मजय बाऊरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

निरीक्षण के अंत में ट्रस्ट में तैयार दाल, आटा एवं बरबट्टी के पैकेट अतिथियों को उपहार स्वरूप भेंट किए गए। महिलाओं के उत्साह, आत्मविश्वास एवं कार्यशैली ने सभी आगंतुकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

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