हाल ही में एक जहाज पर हुई संदिग्ध मौतों के बाद ‘हंता वायरस’ (Hantavirus) एक बार फिर सुर्खियों में है। चूहों से फैलने वाला यह दुर्लभ संक्रमण भले ही नया न हो, लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों ने अलर्ट रहने की सलाह दी है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि आम जनता के लिए इसका खतरा फिलहाल सीमित है, लेकिन सावधानी में ही समझदारी है।
कैसे फैलता है हंता वायरस?
हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों के मल, मूत्र और लार के जरिए इंसानों तक पहुँचता है। इसके फैलने का सबसे सामान्य तरीका ‘डस्ट बॉर्न इन्फेक्शन’ है।
- सफाई के दौरान खतरा: जब लंबे समय से बंद पड़े घरों, गोदामों या स्टोर रूम की सफाई की जाती है, तो वहां मौजूद चूहों की गंदगी धूल के साथ हवा में मिल जाती है।
- सांस के जरिए संक्रमण: सांस लेते समय ये सूक्ष्म कण शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और व्यक्ति संक्रमित हो जाता है।
विशेषज्ञों की राय: क्या यह एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है?
बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों पर हैदराबाद के सीनियर डॉक्टर के. सी. मिश्रा बताते हैं कि लोगों में यह गलतफहमी है कि यह सामान्य बुखार की तरह एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है। हकीकत में, अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं होता; असली खतरा ‘संक्रमित वातावरण’ से है। वहीं, बेंगलुरु के संक्रमण रोग विशेषज्ञ सुब्रमण्यम स्वामीनाथन के अनुसार, यह सोचना गलत है कि हंता वायरस सिर्फ जंगलों तक सीमित है। जहां भी चूहों की मौजूदगी है—चाहे वह आपका स्टोर रूम हो या पुराना गैरेज—वहां इसका जोखिम बना रहता है।

शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
हंता वायरस के लक्षण शुरुआत में किसी सामान्य वायरल बुखार जैसे ही लगते हैं, जिस कारण लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते:
- तेज बुखार और शरीर में तेज दर्द।
- अत्यधिक कमजोरी और थकान।
- गंभीर स्थिति: इन्फेक्शन बढ़ने पर अचानक सांस लेने में तकलीफ होना और फेफड़ों (Lungs) में पानी भर जाना।

बचाव ही एकमात्र उपाय
डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल इस वायरस के लिए कोई विशिष्ट टीका (Vaccine) या निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बचाव के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- चूहों पर नियंत्रण: घर और आसपास चूहों को न पनपने दें।
- सावधानी से सफाई: बंद पड़े कमरों या स्टोर रूम को खोलते समय मास्क का उपयोग करें और सीधे धूल उड़ाने के बजाय गीले पोंछे या वैक्यूम का इस्तेमाल करें।
- त्वरित चिकित्सा: यदि चूहों वाले स्थान की सफाई के बाद बुखार या सांस की तकलीफ हो, तो तुरंत अस्पताल पहुंचें। समय पर सहायक उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।










