हरिणा मेला की तैयारियां तेज: विधायक संजीव सरदार ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शराब बिक्री और बूगी-बूगी डांस पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर; तीन राज्यों से जुटेंगे हजारों भक्त, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

Johar News Times
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कोल्हान के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र मुक्तेश्वर धाम हरिणा में रजो संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले पारंपरिक ‘हरिणा मेला’ के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर मंगलवार को पोटका प्रखंड मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थानीय विधायक संजीव सरदार ने की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार, जादूगोड़ा सर्किल इंस्पेक्टर प्रवेश चंद्र सिन्हा सहित चारों थानों के प्रभारी और चिकित्सा, वन, आबकारी, विद्युत, पेयजल व अंचल विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे।

ग्रामीणों की मांग पर बड़ा फैसला: हुड़दंग और नशे पर लगेगी रोक

बैठक के दौरान हरिणा के ग्रामीणों ने मेला परिसर में पूर्ण शराबबंदी और अश्लील ‘बूगी-बूगी डांस’ कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि इन वजहों से हर साल विवाद और अशांति की स्थिति पैदा होती है।

इस संवेदनशील मांग पर तत्काल संज्ञान लेते हुए विधायक संजीव सरदार ने प्रशासन को मेला क्षेत्र में शराब की बिक्री और सेवन पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मेला समिति केवल पारंपरिक व शालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम ही आयोजित कराएगी।

तीन राज्यों से आते हैं श्रद्धालु, राजकीय मेला का दर्जा दिलाने का प्रयास

विधायक संजीव सरदार ने बताया कि 15 जून से शुरू होने वाला हरिणा मेला क्षेत्र की अटूट आस्था और समृद्ध परंपरा का प्रतीक है। इसमें झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्य ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

उन्होंने आगे कहा:

“मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिणा को एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसे ‘राजकीय मेला’ का दर्जा दिलाने की दिशा में भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।”

सुरक्षा, पार्किंग और ट्रैफिक को लेकर विशेष गाइडलाइंस

मेला के सफल संचालन के लिए विधायक ने अधिकारियों को कई कड़े दिशा-निर्देश दिए:

  • बड़े वाहनों का परिचालन पांडरशोली से बुनूडीह होते हुए हरिणा गांव तक किया जाएगा।
  • वाहनों की पार्किंग के लिए बड्डीह प्राथमिक विद्यालय में विशेष व्यवस्था होगी।
  • आपातकालीन स्थिति और एम्बुलेंस आदि के लिए मेला मार्ग को कम से कम 20 फीट चौड़ा रखा जाएगा।
  • स्टंट राइडर्स, रैश ड्राइविंग करने वालों और मनचलों पर नजर रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। इसके साथ ही 24 घंटे चिकित्सा, पेयजल और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

4 जून को होगी अगली रणनीति बैठक

बैठक के बाद मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार राजवार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन मेला के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा और संचालन की अंतिम रणनीति तैयार करने के लिए 4 जून को मेला परिसर में एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

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