स्कूटी में गर्भवती, हाथ में स्लाइन… झारखंड के अस्पताल में नहीं मिली एंबुलेंस, रिस्क लेकर पहुंचाया रांची

स्कूटी में गर्भवती, हाथ में स्लाइन… झारखंड के अस्पताल में नहीं मिली एंबुलेंस, रिस्क लेकर पहुंचाया रांची

Johar News Times
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लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा सदर अस्पताल से रेफर की गई एक गर्भवती महिला को स्लाइन लगी हालत में स्कूटी पर बैठाकर ले जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

कैरो प्रखंड के तोड़ांग गांव की गर्भवती महिला को सोमवार दोपहर 3:30 बजे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सक ने पाया कि प्रसव की निर्धारित तिथि बीतने के 17 दिन बाद भी प्रसव नहीं हुआ है। महिला की स्थिति गंभीर देखते हुए शाम करीब 5 बजे उसे रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, परिजनों को 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने निजी वाहन उपलब्ध होने की बात कही। इसके बाद महिला को स्लाइन लगी अवस्था में ही स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल से बाहर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि स्कूटी पर तीन लोग सवार थे और महिला को ले जाने वाला व्यक्ति उसका रिश्तेदार भी नहीं था।

घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और मरीज निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि महिला को रिम्स ले जाने के बजाय शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में निजी अस्पतालों के कथित बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी सदर अस्पताल से मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में ले जाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। तत्कालीन उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने ऐसे मामलों पर रोक के लिए अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था कराई थी, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद एक बार फिर बिचौलियों की सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

“गंभीर मरीज को इस प्रकार स्कूटी पर ले जाना उसकी जान के साथ खिलवाड़ है। मामले की जानकारी मिली है और वे अस्पताल के डीएस और अस्पताल प्रबंधक से बातचीत कर पूरी घटना की जांच कराएंगे। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

-डॉ. राजू कच्छप, सिविल सर्जन, लोहरदगा

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