पोटका के कस्तूरबा विद्यालय में भारी अनियमितताएं उजागर, निरीक्षण में भड़के विधायक संजीव सरदार

पोटका के कस्तूरबा विद्यालय में भारी अनियमितताएं उजागर, निरीक्षण में भड़के विधायक संजीव सरदार

Johar News Times
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वार्डन ने नहीं पहचाना विधायक, कक्षाओं से शिक्षक गायब, किचन में गंदगी पर जताई नाराजगी

पोटका (जमशेदपुर):
पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में मंगलवार को औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। पोटका के विधायक संजीव सरदार जब विद्यालय पहुंचे तो न केवल शैक्षणिक व्यवस्था बदहाल मिली, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हो गई।

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निरीक्षण के दौरान एक अजीब स्थिति तब उत्पन्न हो गई जब विद्यालय की वार्डन रीना कुमारी सिंह ने विधायक को पहचानने से इनकार कर दिया और उनसे पूछा—“आप कौन हैं, स्कूल के अंदर कैसे आए?” विधायक द्वारा परिचय देने के बाद भी वार्डन उन्हें नहीं पहचान सकीं, जिससे मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई।

कक्षाओं में शिक्षक नदारद, छात्राएं नहीं दे सकीं जवाब:
विधायक जब कक्षाओं का निरीक्षण करने पहुंचे तो कई जगह शिक्षक अनुपस्थित मिले। कक्षा 12 में छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन कोई शिक्षक नहीं था। विधायक ने छात्राओं से सामान्य ज्ञान के प्रश्न—जैसे झारखंड और भारत की जनसंख्या—पूछे, लेकिन करीब 40 छात्राओं में से एक भी सही जवाब नहीं दे सकी। कक्षा 11 की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही।

कक्षा 10 में 68 छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन वहां भी शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। कई अन्य कक्षाएं पूरी तरह खाली मिलीं। इस स्थिति पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया।

22 शिक्षक पदस्थापित, फिर भी कक्षाएं खाली:
जानकारी के अनुसार विद्यालय में कुल 22 शिक्षक पदस्थापित हैं, बावजूद इसके कक्षाओं में उनकी उपस्थिति नहीं मिली। इससे छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विधायक ने इस पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

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किचन में गंदगी, स्वास्थ्य पर खतरा:
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के किचन की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। किचन में गंदगी का अंबार और मक्खियों की भरमार देखकर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के अस्वच्छ वातावरण में तैयार भोजन छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। रसोई कर्मियों और प्रबंधन को साफ-सफाई और गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए।

दाखिले में गड़बड़ी के आरोप:
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी शिकायतें विधायक के सामने रखीं। पुड़िहासा गांव के भोक्ता हांसदा ने आरोप लगाया कि बीपीएल परिवार से होने के बावजूद उनकी बेटी का दाखिला नहीं लिया गया, जबकि नियमों को दरकिनार कर अन्य छात्राओं का नामांकन किया गया। इस पर विधायक ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

तीन दिन में जवाब, कार्रवाई के निर्देश:
विधायक संजीव सरदार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार को पूरे मामले की जानकारी देते हुए वार्डन से स्पष्टीकरण मांगने और तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

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निरीक्षण के बाद विधायक ने कहा कि अभिभावकों और ग्रामीणों की शिकायतें सही पाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस मामले की जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री को भी दी जाएगी।

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