21 जून 2026 को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थी, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में जीवन की गुणवत्ता और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। इस अवसर पर मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों प्रतिभागियों के साथ सामूहिक योग सत्र का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग सीमाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर दुनिया को जोड़ने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने 21 जून को दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बताया। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और चेतना को संतुलित करने का साधन है। इस वर्ष विदेश मंत्रालय के समन्वय से दुनिया भर के लगभग 2500 स्थानों और 210 से अधिक भारतीय मिशनों में योग सत्रों का सफल आयोजन किया गया।

फादर्स डे के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड आंदोलन के प्रणेता, दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने एक भावुक संदेश में पिता को संघर्ष, साहस और संस्कारों की पाठशाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजी ने उन्हें सिखाया कि जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा रहना ही सच्ची जनसेवा है। उन्होंने अपने पिता को समर्पित एक कविता भी साझा की, जिसमें उन्होंने पिता को “तपती धूप में बरगद-सी छाया” और “समाज का स्वाभिमान” बताया। हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन को अपना मार्गदर्शक मानते हुए उनके संघर्ष और आदर्शों को प्रेरणा का अटूट स्रोत बताया।

भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक लगाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। उन्होंने ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 11 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। अपनी इस ऐतिहासिक और तूफानी पारी के दौरान सूर्यवंशी ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले और 5 शानदार चौके तथा 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। इस ताबड़तोड़ बल्लेबाजी को जारी रखते हुए उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, हालांकि वे अपने शतक से महज 6 रन दूर रह गए। उनकी इस पारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में स्वदेशी तकनीक से निर्मित तीन नौसैनिक प्लेटफॉर्म — आईएनएस दुनागिरि, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक — को राष्ट्र को समर्पित किया। यह कदम भारत की समुद्री सुरक्षा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित इन प्लेटफॉर्मों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता और समुद्री निगरानी तंत्र को और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह मील का पत्थर हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मददगार होगा और इससे घरेलू शिपयार्डों की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।

धार्मिक नगरी उज्जैन ने रविवार को एक दुर्लभ खगोलीय घटना का अनुभव किया। दोपहर 12:28 बजे सूर्य ठीक सिर के ऊपर आने से कुछ समय के लिए वस्तुओं की परछाई गायब हो गई, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘शून्य छाया दिवस’ कहा जाता है। यह दिन साल का सबसे बड़ा दिन भी था, जिसकी कुल अवधि 13 घंटे 34 मिनट रही। इस अद्भुत घटना का ऐतिहासिक जीवाजी वेधशाला ‘यंत्र महल’ में शंकु यंत्र के माध्यम से सफलतापूर्वक अवलोकन किया गया। महाराजा जयसिंह द्वारा 1733 में स्थापित यह वेधशाला कर्क रेखा के निकट होने के कारण ऐसी खगोलीय घटनाओं के अध्ययन का प्रमुख केंद्र है।

शहीदों के बच्चों के लिए बनेगा आवासीय विद्यालय, सीएम हेमंत सोरेन ने दी ₹22 करोड़ की मंजूरी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में शहीद पुलिसकर्मियों और जवानों के बच्चों के लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 22 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह नया विद्यालय कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर पूरी तरह विकसित किया जाएगा। यहाँ बच्चों को पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी, जो शहीद परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करेगी।

झारखंड के प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य में बाघों की मौजूदगी के प्रमाण जुटाने के लिए राष्ट्रीय टाइगर एस्टीमेशन कार्यक्रम के तहत विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। पहले यहाँ केवल 50 कैमरे सक्रिय थे, लेकिन अब पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के सहयोग से 200 अतिरिक्त कैमरे लगाकर कुल संख्या 250 कर दी गई है। हाल ही में दलमा क्षेत्र में एक बाघ देखे जाने की सूचना के बाद यह कदम उठाया गया है। पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना के अनुसार, कैमरों से मिले आंकड़े विश्लेषण के लिए देहरादून भेजे जाएंगे। मुख्य रूप से हाथियों के लिए प्रसिद्ध दलमा में 15 दिसंबर 2025 से शुरू हुई इस बाघ गणना की अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होने की संभावना है।

पूर्वी सिंहभूम में यूरेनियम का नया भंडार, केंद्र सरकार ने दी खोज कार्य को मंजूरी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के खड़ाडुंगरी-सुंगरी ब्लॉक में यूरेनियम का नया भंडार मिलने से देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में यूरेनियम की संभावनाओं की जांच के लिए प्रथम चरण की मंजूरी प्रदान कर दी है, जिसके तहत 30 बोरहोल की ड्रिलिंग की जाएगी। इस खोज कार्य की जिम्मेदारी जमशेदपुर स्थित एएमडी (AMD) को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस नए भंडार में अगले एक दशक तक देश की घरेलू जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक सैटेलाइट तकनीक से होने वाले इस वैज्ञानिक सर्वेक्षण से पर्यावरण या स्थानीय आबादी को रेडिएशन का कोई खतरा नहीं होगा।

खूंटी जिले के जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इंदवन जंगल में रविवार तड़के पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन (PLFI) के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में मोस्ट वांटेड एरिया कमांडर श्रवण दास गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, शनिवार को गिरफ्तार श्रवण दास को जब हथियारों की बरामदगी के लिए जंगल ले जाया गया, तो उसने सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए रिम्स रांची भेजा गया है। मौके से चार हथियार, 29 कारतूस और एक महत्वपूर्ण डायरी बरामद हुई है, जिसमें लेवी और नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।

झारखंड में मॉनसून के सक्रिय होने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 26 जून तक राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है। शनिवार को राजधानी रांची में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, गढ़वा, पलामू और चतरा को छोड़कर राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चिंता की बात यह है कि मॉनसून के प्रवेश के बाद भी गढ़वा में 100%, साहिबगंज में 97% और चतरा में 96% बारिश की कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, रांची में स्थिति बेहतर है, जहां 1 से 20 जून के बीच सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

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