दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की 106वीं बैठक कोलकाता के ताज बंगाल होटल में सांसद विद्युत वरण महतो की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में रेल समस्याओं, विकास परियोजनाओं और यात्रियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
टाटानगर से ट्रेनों के स्थानांतरण की अटकलों पर विराम
बैठक में सांसद ने टाटानगर से कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को आदित्यपुर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं पर रेलवे से स्पष्टीकरण मांगा। इस पर रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टाटानगर स्टेशन से किसी भी ट्रेन को शिफ्ट करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और वर्तमान में संचालित सभी ट्रेनें पूर्ववत चलती रहेंगी।
बारीगोड़ा-गोविंदपुर ROB और सलगाजोड़ी अंडरपास पर अपडेट
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बारीगोड़ा और गोविंदपुर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजनाओं की निविदाएं जारी हो चुकी हैं और 12 मई 2026 को टेंडर खोले जा चुके हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं, सलगाजोड़ी अंडरपास को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
टाटानगर स्टेशन पर बढ़ेंगी सुविधाएं
टाटानगर स्टेशन के सेकेंड एंट्री गेट पर ड्रॉपिंग लाइन बनाने की मांग पर रेलवे ने बताया कि स्टेशन अपग्रेडेशन योजना के तहत यह सुविधा विकसित की जाएगी। साथ ही टाटानगर-बादामपहाड़ रेलखंड पर मकदमपुर के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए DPR तैयार की जा रही है।
नई ट्रेनों पर फिलहाल टर्मिनल क्षमता बनी बाधा
सांसद ने आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस को टाटानगर तक विस्तारित करने, टाटा-काटपाड़ी ट्रेन को तिरुपति और बेंगलुरु तक बढ़ाने तथा टाटा-पटना के बीच नियमित ट्रेन चलाने की मांग रखी। रेलवे ने बताया कि टाटानगर स्टेशन पर टर्मिनल और मेंटेनेंस सुविधाओं की सीमित क्षमता के कारण फिलहाल नई ट्रेनों का संचालन या विस्तार संभव नहीं है। हालांकि, हल्दीपोखर के पास नए कोचिंग टर्मिनल की परियोजना रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है और 15 अप्रैल 2026 को इसके अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी मिल चुकी है। इसके पूरा होने के बाद नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होगा।
कांड्रा-नामकुम रेललाइन और DFC परियोजना पर भी चर्चा
बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो ने दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और यात्री ट्रेनों के संचालन को भी लाभ मिलेगा। साथ ही लंबे समय से लंबित कांड्रा-नामकुम रेललाइन परियोजना को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
