बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच तेज, राज्यस्तरीय टीम ने खंगाले रिकॉर्ड; हजारों दस्तावेज रांची ले जाए गए

बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच तेज, राज्यस्तरीय टीम ने खंगाले रिकॉर्ड; हजारों दस्तावेज रांची ले जाए गए

Johar News Times
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बोकारो, बोकारो ट्रेजरी से वेतन मद में कथित अवैध निकासी मामले ने अब बड़ा प्रशासनिक रूप ले लिया है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए राज्य सरकार की उच्चस्तरीय जांच टीम शुक्रवार को बोकारो पहुंची और कई घंटों तक ट्रेजरी तथा पुलिस विभाग से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। टीम ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई।

राज्यस्तरीय जांच दल का नेतृत्व उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल कर रहे हैं। टीम ने सबसे पहले बोकारो ट्रेजरी कार्यालय का निरीक्षण किया और फिर एसपी कार्यालय पहुंचकर वेतन भुगतान, बिल पासिंग और वित्तीय स्वीकृति से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।

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कई शाखाओं के रिकॉर्ड खंगाले गए

जांच के दौरान लेखा शाखा, अकाउंटेंट कक्ष, सामान्य शाखा और विपत्र अनुभाग से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया गया। सूत्रों के अनुसार टीम ने कई अधिकारियों से अलग-अलग बिंदुओं पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित निकासी प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

बताया जा रहा है कि जांच झारखंड ट्रेजरी कोड, पुलिस मैनुअल और वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के आधार पर की जा रही है। टीम अपने साथ हजारों पन्नों की प्रमाणित प्रतियां रांची ले गई है, जहां अब उनका विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

दोबारा हो सकता है दौरा

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सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद कई तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की और पड़ताल की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर जांच टीम फिर से बोकारो आ सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित गड़बड़ी किसी तकनीकी लापरवाही का परिणाम थी या इसके पीछे सुनियोजित वित्तीय अनियमितता का नेटवर्क सक्रिय था।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

जांच के दौरान उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना समेत जिला प्रशासन और वित्त विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार की नजर बनी हुई है।

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हाल के वर्षों में राज्य में वित्तीय अनियमितताओं और ट्रेजरी से जुड़ी शिकायतों को लेकर सरकार पहले भी सख्त रुख दिखा चुकी है। ऐसे में बोकारो ट्रेजरी मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है।

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