पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया वन क्षेत्र से सटे इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार शाम करीब पांच बजे पांच हाथियों का झुंड चौठिया गांव पहुंच गया और भारी उत्पात मचाते हुए एसजी एग्रो राइस मिल की चहारदीवारी तोड़ डाली। हाथियों ने परिसर में रखे धान को खाया और काफी देर तक मिल परिसर में घूमते रहे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
राइस मिल में मची भगदड़, जान बचाकर भागे मजदूर
घटना के वक्त राइस मिल के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हाथियों के झुंड को परिसर में घुसते देख मजदूरों में भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए सभी इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथियों का दल जंगल से निकलकर सीधे राइस मिल पहुंचा और कुछ ही मिनटों में चहारदीवारी को तोड़ दिया। इसके बाद हाथी परिसर में रखे धान को खाने लगे। हाथियों की चिंघाड़ और तोड़फोड़ से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए, लेकिन डर के कारण कोई भी हाथियों के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्यूआरटी (Quick Response Team) मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर खदेड़ा। इस दौरान पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि हाथियों को उकसाने या उनके करीब जाने की कोशिश न करें। अधिकारियों ने कहा कि जंगली हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

बंगाल बॉर्डर के गांवों में अलर्ट, माइकिंग से दी जा रही चेतावनी
लगातार बढ़ रही हाथियों की आवाजाही को देखते हुए बंगाल बॉर्डर से सटे सरडीहा पंचायत के कई गांवों में वन विभाग द्वारा माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से कहा गया है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें और हाथियों की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड लगातार गांवों की ओर बढ़ रहा है। खेतों में लगी फसलें और घरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। शाम ढलते ही गांवों में दहशत का माहौल बन जाता है और लोग पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में नाराजगी
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में डर के साथ-साथ नाराजगी भी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि हाथियों के स्थायी समाधान के लिए वन विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि गांवों में रह रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








