शहर में रसोई गैस (LPG) की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा आपूर्ति सामान्य होने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शुक्रवार सुबह मटकुरिया स्थित मां भवानी गैस सर्विस के बाहर का दृश्य इस संकट की तस्वीर साफ दिखाता है।
सुबह से ही सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। कई लोग तीन-तीन घंटे तक इंतजार करने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। इस दौरान उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मियों के बीच कहासुनी और झड़प की स्थिति भी बनती रही।
हर एजेंसी पर एक जैसा हाल
सिर्फ मटकुरिया ही नहीं, शहर के अन्य गैस एजेंसियों पर भी हालात चिंताजनक हैं। बलियापुर रोड स्थित विनय गैस एजेंसी (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) में भी उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरायढेला की महावीर गैस एजेंसी (इंडेन) के खिलाफ भी उपभोक्ताओं ने मनमानी के आरोप लगाए हैं।
हर जगह लंबी कतारें, सीमित सिलिंडर की उपलब्धता और नाराज उपभोक्ताओं की भीड़ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिल रही गैस
लाइन में खड़ी नीलू सिंह ने बताया, “सुबह 6 बजे से खड़ी हूं, लेकिन साढ़े दस बजे तक नंबर नहीं आया। घर में गैस खत्म हो चुकी है, छोटे-छोटे बच्चे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।”
एक बुजुर्ग उपभोक्ता ने कहा कि यह समस्या हर महीने होती है, लेकिन अधिकारी कागजों में सब कुछ सामान्य बताते हैं।
वहीं मुकेश पासवान, जिनके घर में शादी है, पिछले तीन दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि एजेंसी पहले सिलिंडर जमा करवाती है, फिर नंबर लगवाती है और बुलाने के बाद भी गैस उपलब्ध नहीं कराती।
कालाबाजारी के आरोप, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई एजेंसियों में कालाबाजारी और मनमानी के कारण आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल रही है। इस पूरे मामले ने प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो यह संकट और गहरा सकता है।










