झारखंड के जामताड़ा शहर के कोर्ट मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और आदिवासी समाज के लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, प्रतिमा के हाथ में लगे तीर-धनुष को तोड़ दिया गया। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे। लोगों का कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता, संघर्ष और सम्मान के प्रतीक हैं, ऐसे में उनकी प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ समाज की भावनाओं को आहत करने वाली घटना है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया। सूचना मिलने पर एसडीओ अनंत कुमार और एसडीपीओ बिकास आनंद लागोरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
आदिवासी समाज के प्रतिनिधि महादेव सोरेन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा पूरे आदिवासी समुदाय के गौरव हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना सिर्फ एक मूर्ति को तोड़ना नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं पर हमला है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, हालांकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।










