डायबिटीज से आसानी से होगा बचाव, अपना लें डॉक्टर के बताए ये 3 तरीके

Johar News Times
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भारत में डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों की संख्या डराने वाली रफ्तार से बढ़ रही है। ‘भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद’ के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज की चपेट में हैं। वहीं, ‘इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन’ की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि यही रफ्तार रही, तो साल 2050 तक यह आंकड़ा 16 करोड़ को पार कर सकता है। शहरी इलाकों में इस बीमारी को लेकर चिंता सबसे ज्यादा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस गंभीर बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है।

समझें अंतर: टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज

डायबिटीज मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:

  • टाइप-1 डायबिटीज: यह जेनेटिक (आनुवंशिक) या अन्य अंदरूनी कारणों से होती है, जिसमें शरीर में इंसुलिन बनना पूरी तरह बंद हो जाता है। इसे रोका नहीं जा सकता, केवल इंसुलिन इंजेक्शन से कंट्रोल किया जाता है।
  • टाइप-2 डायबिटीज: यह पूरी तरह से खराब खानपान और सुस्त लाइफस्टाइल की देन है। इसमें शरीर में इंसुलिन तो बनता है, लेकिन कोशिकाएं उसका सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं। राहत की बात यह है कि टाइप-2 डायबिटीज से आसानी से बचा जा सकता है।

बार-बार पेशाब आना , गला सूखना, पर्याप्त नींद के बाद भी लगातार थकान रहना, अचानक वजन घटना, आंखों से धुंधला दिखना और चोट या घाव भरने में लंबा समय लगना।

बचाव के 3 अचूक उपाय

टाइप-2 डायबिटीज से दूर रहने के लिए अपनी दिनचर्या में ये 3 बदलाव तुरंत करें:

1. रोज़ाना एक्सरसाइज है अनिवार्य

आमतौर पर लोग हफ्ते में 3 या 4 दिन कसरत करके संतुष्ट हो जाते हैं, लेकिन डॉक्टर इसे नाकाफी मानते हैं। डायबिटीज से बचना है तो रोजाना 45 मिनट सुबह और 45 मिनट शाम/रात को कोई न कोई शारीरिक कसरत या वॉक जरूर करें। इसमें निरंतरता सबसे जरूरी है।

‘बार-बार खाने’ की आदत बदलें

पहले लोग दिन में दो या तीन बार ही खाते थे। आज के दौर में ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के बीच में भी लोग हर कुछ घंटों में चाय, कॉफी, नमकीन या चिप्स खाते रहते हैं। इन चीजों में छिपा हुआ फैट और शुगर (Hidden Sugar) होता है, जो अचानक ब्लड शुगर लेवल बढ़ाता है। बार-बार खाने की आदत छोड़ें, देर रात भोजन से बचें और डाइट में हरी सब्जियां, दालें व फल शामिल करें।

3. मोटापे पर कसें लगाम

मोटापा डायबिटीज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। वजन कंट्रोल करने के लिए फास्ट फूड, ब्रेड, चिप्स और मीठी चीजों से सख्त दूरी बनाएं। डॉक्टर ने विशेष हिदायत दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के वजन घटाने वाली दवाइयां बिल्कुल न लें, क्योंकि ये लंबे समय के लिए सुरक्षित नहीं होती हैं।

अगर डायबिटीज हो गई है, तो क्या खाएं?

यदि आप पहले से ही डायबिटीज के मरीज हैं, तो शुगर लेवल कंट्रोल रखने के लिए अपने खानपान में ये बदलाव करें:

  • मल्टीग्रेन आटा अपनाएं: केवल गेहूं की रोटी खाने के बजाय आटे में बेसन, ज्वार और बाजरा मिलाएं।
  • प्रोटीन बढ़ाएं: अपनी डाइट में दालें और राजमा शामिल करें।
  • हेल्दी स्नैक्स: भूख लगने पर चिप्स-बिस्किट के बजाय बादाम और मखाना खाएं।
  • परहेज: मीठी चीजों और अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन से सख्त परहेज करें।

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