आटा, मैदा, सूजी या बेसन: सेहत के लिए कौन सा है ‘अमृत’ और कौन सा ‘धीमा जहर’?

Johar News Times
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हमारे रोज के खानपान में रोटी, पराठा, समोसा, हलवा, चीला और ढोकला जैसी न जाने कितनी चीजें शामिल हैं। इन्हें बनाने के लिए गेहूं का आटा, मैदा, सूजी और बेसन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन चारों में से आपकी सेहत के लिए सबसे बेस्ट कौन सा है और किसका सेवन आपको बीमार कर रहा है?

किसी भी खाद्य पदार्थ की क्वालिटी इस बात से तय होती है कि उसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स कितने हैं, और वह आपके ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। आइए जानते हैं इन चारों का पूरा ‘हेल्थ रिपोर्ट कार्ड’।

चारों का न्यूट्रिशन रिपोर्ट कार्ड: कौन कितना हेल्दी?

एक्सपर्ट के मुताबिक, सेहत और पोषण के मामले में इन चारों चीजों को इस क्रम में समझा जा सकता है:

1. बेसन — प्रोटीन का पावरहाउस

  • फायदे: बेसन को चने की दाल से तैयार किया जाता है, इसलिए इसमें गेहूं के आटे की तुलना में प्रोटीन और फाइबर बहुत ज्यादा होता है।
  • वजन नियंत्रण: इससे बनी चीजें (जैसे चीला) खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है।
  • ग्लूटेन-फ्री: जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है, उनके लिए बेसन सबसे बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है।

2. गेहूं का आटा — रोजमर्रा की डाइट का संतुलन

  • पोषक तत्व: साबुत गेहूं के आटे में फाइबर, बी-विटामिन, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • पाचन में मददगार: प्रचुर मात्रा में फाइबर होने के कारण यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या को दूर करता है।
  • शुगर कंट्रोल: यह मैदा की तरह ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता, जिससे वजन और डायबिटीज दोनों कंट्रोल में रहते हैं।

3. सूजी — हल्की पर पोषण में थोड़ी कम

  • कैसे बनती है: सूजी भी गेहूं से ही बनती है, लेकिन प्रोसेसिंग के दौरान इसके कुछ हिस्से अलग हो जाते हैं, जिससे इसमें फाइबर की मात्रा कम हो जाती है।
  • हल्का भोजन: सूजी से बने व्यंजन (जैसे उपमा या इडली) हल्के और आसानी से पचने वाले होते हैं।
  • सावधानी: डायबिटीज के मरीजों और वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों को सूजी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

4. मैदा — सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड)

  • क्यों है खतरनाक: मैदा बनाने की प्रक्रिया में गेहूं का चोकर (Fibre) और जर्म पूरी तरह हटा दिया जाता है। इसमें से सारे विटामिन और मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं और यह सिर्फ स्टार्च का ढेर रह जाता है।
  • बीमारियों का घर: व्हाइट ब्रेड, पिज्जा बेस, समोसा और पेस्ट्री जैसी मैदे से बनी चीजें ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाती हैं।
  • नुकसान: इसका लगातार सेवन मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, कब्ज और मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।

फाइनल वर्डिक्ट: सबसे बेस्ट कौन?

डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार, अगर सेहत, फाइबर और प्रोटीन के पैमाने पर देखें तो:

  • गेहूं का आटा और बेसन सबसे बेहतरीन और हेल्दी विकल्प हैं।
  • सूजी को कभी-कभार स्वाद बदलने के लिए सीमित मात्रा में खाया जा सकता है।
  • मैदा का सेवन जितना कम से कम हो, आपकी सेहत के लिए उतना ही बेहतर है। हमेशा कम प्रोसेस्ड और ज्यादा फाइबर वाली चीजें ही चुनें।

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