हिंदी सिनेमा के ‘डिस्को डांसर’ और करोड़ों दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। 50 साल के लंबे फिल्मी करियर में मिथुन दा ने अपनी अभिनय क्षमता से न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि यह साबित किया कि कड़ी मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनके उस संघर्ष के बारे में, जिसने उन्हें एक आम युवक से ‘सुपरस्टार’ बनाया।
नक्सलवाद से मायानगरी तक का सफर
मिथुन चक्रवर्ती का जन्म 16 जून 1950 को कोलकाता में हुआ था। उनका असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। फिल्मों में आने से पहले का उनका जीवन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक समय था जब मिथुन नक्सलवादी आंदोलन से जुड़े थे, लेकिन परिवार में हुई एक दुखद घटना (बड़े भाई की मौत) ने उनकी दिशा बदल दी। वे सब कुछ छोड़कर मुंबई आ गए।

‘फर्श पर सोया, सड़कों पर खाना खाया’
मुंबई का शुरुआती दौर मिथुन के लिए बेहद कठिन था। एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने संघर्ष को याद करते हुए कहा था:
- भटकते रहे पैर: मुंबई पहुँचने के बाद उनके पास कोई ठिकाना नहीं था। वे माटुंगा (जिमखाना) तक जाने के लिए घंटों समुद्र किनारे चक्कर लगाते रहे।
- मुश्किलें और जद्दोजहद: वे सनी साइड बिल्डिंग में रहते थे, जहाँ उन्हें अक्सर फर्श पर सोना पड़ता था। गुजारे के लिए उन्हें सड़कों पर खाना तक खाना पड़ा था।
- जिमखाना की सदस्यता: उन्होंने माटुंगा जिमखाना की सदस्यता ली, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें वहां नहाने की सुविधा मिल सके।
मिथुन ने कहा, “इंडस्ट्री कभी हारे हुए लोगों को याद नहीं रखती। अगर मैं यह कर सकता हूं, तो आप भी कर सकते हैं।”
फिल्म ‘मृगया’ से मिला बड़ा ब्रेक
मिथुन चक्रवर्ती ने साल 1976 में फिल्म ‘मृगया’ से बॉलीवुड में कदम रखा। अपनी पहली ही फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें ‘बेस्ट एक्टर’ के नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया। यह उनकी मेहनत का ही नतीजा था कि उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मिथुन दा की कुछ यादगार फिल्में
अपने पांच दशकों के करियर में उन्होंने हर तरह की भूमिकाओं को बखूबी निभाया है:
- डिस्को डांसर: जिसने उन्हें देश का ‘डांसिंग सुपरस्टार’ बनाया।
- गंभीर अभिनय: ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘अग्निपथ’, ‘प्रेम प्रतिज्ञा’।
- मसाला और एक्शन फिल्में: ‘वारदात’, ‘जल्लाद’, ‘गुंडा’।
- हालिया हिट्स: ‘गोलमाल 3’, ‘ओएमजी: ओह माय गॉड!’।
