13 साल पुराने धरना केस में बड़ा फैसला: पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव समेत 5 आरोपियों को कोर्ट से राहत

13 साल पुराने धरना केस में बड़ा फैसला: पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव समेत 5 आरोपियों को कोर्ट से राहत

Johar News Times
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जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय में वर्ष 2013 में जन मुद्दों को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन और हंगामे के मामले में मंगलवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में पूर्व जिला पार्षद और पूर्व झाविमो नेता किशोर यादव सहित राहुल सिंह, धनंजय सिंह, डी.एन. सिंह और आर.बी. सरन को बरी कर दिया।

मामला 4 जनवरी 2013 का है, जब सैकड़ों झाविमो कार्यकर्ता जन समस्याओं को लेकर उपायुक्त कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कथित हंगामे को लेकर उपायुक्त कार्यालय के लिपिक अलखेन खलको ने बिष्टुपुर थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 142, 149, 341 और 504 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल तीन गवाह प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, बविता जैन, धर्मेंद्र सिंह निकू और दीपा सिंह ने प्रभावी पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।

इसी आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद संबंधित पक्षों में संतोष का माहौल देखा गया।

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